मध्य प्रदेश में बेरोजगारी का आलम, MBA डिग्रीधारी व इंजीनियर भी बनना चाहते हैं स्वीपर व चपरासी
शिवपुरी, 3 जनवरी। देश में बेरोजगारी का आलम है। इससे मध्य प्रदेश भी अछूता नहीं है। इसकी एक बानगी शिवपुरी जिले में देखने को मिली है। यहां पर झाड़ू पोछा और चपरासी आदि के काम के लिए एमबीए डिग्रीधारी और इंजीनियर तक कतार में दिखे।

शिवपुरी जिला न्यायालय में भर्ती
दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला न्यायालय में स्वीपर, ड्राइवर व चपरासी के कुल 20 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है. जिसमें शनिवार को इंटर, आईटीआई, बीए, बीएससी, एमबीए और पीएचडी पास युवा भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए लाइन में लगे मिले। जबकि इन पदों के लिए केवल 8वीं पास युवाओं को पात्रता दी गयी है। बढ़ती बेरोजगारी की वजह से शिक्षित युवा को चपरासी और सफाईकर्मी बनने को मजबूर हैं।

एक पद के लिए 300 अभ्यर्थी
बेरोजगारी का आलम यह है कि एक पद के लिए 300 अभ्यर्थी कतार में हैं। उनका कहना है कि पहले हाथ में जॉब आ जाएगी तो वह अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रयास बड़ी आसानी से कर सकेंगे। वहीं, कई लोग आर्थिक तंगी दूर करने की मंशा से यह जॉब हासिल करना चाहते हैं।

पात्रता सिर्फ आठवीं पास
इस भर्ती के लिए करीब 6 हज़ार बेरोजगार लाइन में लगे हैं। पात्रता 8वीं पास है, लेकिन इंटर, स्टेनो, आईटीआई, पीजीडीसीए, बीए, बीएससी और स्नातकोत्तर भी लगे हैं। चूंकि भर्तियां कम हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को भी उम्मीद नहीं है कि नौकरी मिल जाएगी। बावजूद साक्षात्कार कर लिए पंक्ति में खड़े दिखे। महिलाएं भी बड़ी संख्या में इंटरव्यू देने के लिए आईं।

क्या बोले अभ्यर्थी?
अभ्यर्थी दानिश खान ने बताया कि वे एमकॉम व आईटीटी स्टेनो पास हैं। उनके साथ यहां MBA सहित इंजीनियरिंग किए हुए युवा भी इंटरव्यू देने आए। चपरासी पद के लिए इंटरव्यू देने आए बंटी कुशवाह ने बताया कि वह BA MA पास है। तीन साल से मध्यप्रदेश में कोई भर्ती नहीं निकली है बेरोजगार बैठे रहने से अच्छा है कि चपरासी ही बन जाए।

ओवर ऐज हो रहे अभ्यर्थी
ओम कुमार माझी ने बताया कि वह ग्रेजुएट है और वह घर बैठे-बैठे ही ओवर ऐज हो रहें हैं। कई सालों से भर्ती नहीं निकली है। इसलिए चपरासी बनने को भी तैयार हैं। वहीं, दिव्यांग प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि वह डीएड एवं बीएससी किए हुए हैं। इसके बावजूद उन्हें अभी तक नौकरी नहीं मिल सकी है। इसी के चलते वह आज चपरासी बनने को पहुंचे हैं।

झाड़ू पोछा की नौकरी को भी तैयार
वही, साक्षात्कार देकर लौटे अभ्यर्थियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में बेरोजगारी है। इसलिए हम लोग छोटी नौकरी के लिए इंटरव्यू देने आए हैं। जहां उनसे झाड़ू पोछा सहित खाना बनाने को तैयार हैं।












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