अयोध्या की हार पर शिवपुरी में उमा भारती ने ऐसा क्यों कहा कि जरूरी नहीं हर रामभक्त बीजेपी को वोट दे, जानिए
Uma Bharti news: उमा भारती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा के चुनावी परिणाम और आयोध्या की हार पर मोदी-योगी को ब्लेम करना ठीक नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के ढांचे को गिराने के बावजूद भाजपा हार गई थी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी अयोध्या को वोट बैंक नहीं बनाया है, लेकिन हर चुनाव में अयोध्या का मुद्दा रहा है। वे ने कहा कि अब उन्हें मथुरा-काशी को भी वोट से नहीं जोड़ रहे हैं, क्योंकि वे इन स्थानों को अपने हृदय से जुड़े मानती हैं।

बता दे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा, "यह गलत है कि जो भाजपा को वोट नहीं देगा, वह रामभक्त नहीं है। हर रामभक्त भाजपा को वोट देगा, ऐसा अहंकार हमें नहीं पालना चाहिए।"
उमा भारती ने आज शनिवार को ग्वालियर से भोपाल जाने के दौरान शिवपुरी में भाजपा नेताओं से मिलीं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से भी चर्चा की। उमा ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिलीं कम सीटों पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, "यूपी में निश्चित रूप से सीटें कम हुई हैं। यहां सामाजिक व्यवस्था अलग है। भाजपा समीक्षा करेगी। मैं भी अपना मत दूंगी।"
उमा भारती ने यह भी कहा कि "पहले हिंदू समाज का मन समझना होगा। हिंदू समाज, समाज व्यवस्था और धर्म व्यवस्था को एक नहीं करता है। उधर, इस्लामिक समाज है जो समाज व्यवस्था और धर्म व्यवस्था को एक करके चलता है। उसी हिसाब से अपना वोट देता है। हिंदू समाज सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप वोट देता है।"
उन्होंने यह भी बताया कि "हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि हिंदुओं की रामभक्ति कम हो गई है। वे रामभक्त हैं, लेकिन किसी कारणवश वोट भाजपा को नहीं देना चाहते हैं।"
400 सीट नहीं मिलने पर ये वजह बताई
लोकसभा चुनाव में 400 सीट नहीं मिलने पर पूर्व सीएम ने कहा, "मेरी इच्छा 500 सीटें पार करने की थी, लेकिन भगवान हर इच्छा पूरी नहीं करते। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आप को 'प्रधान सेवक' कहा था। हम सबने अपने आप को मोदी का परिवार कहा था। इसके बावजूद मंशा अनुसार सीटें नहीं आईं, और इसकी समीक्षा भाजपा करेगी। क्योंकि मैं समीक्षा करने वाली टीम में शामिल नहीं हूं। 400 की जगह 240 सीटें आने का कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा ही बता सकेंगे।"












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