उज्जैन में नाबालिग की घटना ने उजागर किया समाज की असंवेदनशीलता का खौफनाक चेहरा!
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में एक नाबालिग रेप पीड़िता द्वारा लोगों से निर्वस्त्र मदद मांगते हुए सामने आई तस्वीर, झकझोर देने वाली है। किसी ने उसको धुत्तकार के भगा दिया तो किसी ने पीड़िता को चंद पैसे देकर उसकी मदद करने की कोशिश की। अब सवाल यह उठता है कि हमारा समाज किस ओर जा रहा है? क्या एक नाबालिग रेप पीड़िता की तकलीफ इन चंद रुपयों से कम हो सकती है?
क्या इंसानियत का फर्ज सिर्फ पैसों तक सीमित है? ऐसे कई सवालों से समाज आज कटघरे में घिरा हुआ है। इस घटना के बाद जनता की असंवेदनशीलता पर चिंता बढ़ना लाजमी है। आइए जानते हैं क्या है पूरी घटना ?

दरअसल, मामला 25 सितंबर की शाम का है। महाकाल थाने के इलाके में बड़नगर रोड पर दंडी आश्रम के पास एक नाबालिग बच्ची आधे-अधूरे कपड़े में घायल अवस्था में मिली। उसके कपड़े खून से सने थे। पीड़िता सांवरा खेड़ी सिंहस्थ बाइपास की कॉलोनियों में कई घंटों तक भटकती रही। लेकिन, किसी ने मदद नहीं की।
CCTV में कैद असंवेदनशीलता का खौफनाक चेहरा!
इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में नाबालिग एक आदमी से मदद मांगती दिख रही है। लेकिन वह उसे भगा देता है। हालांकि, इलाके के निवासियों ने नाबालिग को कुछ पैसे देकर मदद की कोशिश की। आखिरकार एक युवक ने नाबालिग की सूचना पुलिस को दी।
एक गिरफ्तार, 3 हिरासत में
उधर, सतना जिले की निवासी एक सतना 24 सितंबर को घर से अचानक लापता हुई थी। नाबालिग के दादा ने आईपीसी की धारा 363 के तहत केस सतना के एक थाने में अपहरण की रिपोर्ट कराई गई थी। पुलिस को जैसे ही लापता नाबालिग की सूचना मिली फौरन मौके पर पहुंची। बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को इंदौर के जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। यहां ऑपरेशन के बाद अब उसकी हालत में सुधार है। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने लड़की से कथित रेप के मामले में एक ऑटो चालक को गिरफ्तार किया है और तीन अन्य को हिरासत में लिया है।












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