MP News: भोपाल में 14 जुलाई को टैक्सी और ऑटो हड़ताल, अवैध वसूली और शोषण के खिलाफ यूनियन का हल्लाबोल
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 14 जुलाई 2025 को टैक्सी और ऑटो सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी। टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के आह्वान पर 2500 से अधिक टैक्सी चालक और 2000 से ज्यादा ऑटो चालक अवैध वसूली, निजी टैक्सी कंपनियों के शोषण, और पारंपरिक टैक्सी चालकों की उपेक्षा के खिलाफ सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक डॉ. अंबेडकर जयंती पार्क में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस हड़ताल का असर भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति स्टेशन, संत हिरदाराम नगर स्टेशन, हबीबगंज, बस स्टैंड, और राजा भोज एयरपोर्ट जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों पर पड़ेगा, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यूनियन ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया है और पुलिस प्रशासन से इसकी विधिवत अनुमति भी ले ली है। वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट

हड़ताल का कारण: अवैध वसूली और निजी टैक्सी कंपनियों का शोषण
टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के राष्ट्रीय सचिव नफीसउद्दीन ने बताया कि यह प्रदर्शन राजधानी सहित पूरे मध्य प्रदेश में टैक्सी और ऑटो चालकों के साथ हो रही उपेक्षा और शोषण के खिलाफ है। ओला, उबर, और रैपिडो जैसी निजी टैक्सी कंपनियों ने पारंपरिक चालकों की आजीविका पर गंभीर असर डाला है। इसके अलावा, रेलवे स्टेशनों पर होने वाली अवैध वसूली ने चालकों की आर्थिक स्थिति को और खराब कर दिया है। नफीसउद्दीन ने कहा, "हमारी मांगें लंबे समय से अनसुनी हैं। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा, और हमने पुलिस से अनुमति ले ली है।"
टैक्सी यूनियन की प्रमुख मांगें
- रेलवे स्टेशनों पर अवैध वसूली बंद हो: भोपाल, रानी कमलापति, और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशनों पर टैक्सी चालकों से प्रति फेरे 10 रुपये की अवैध वसूली हो रही है, जबकि निजी वाहनों को 15 मिनट तक मुफ्त पार्किंग की सुविधा दी जाती है। प्रतिदिन 2000 टैक्सियों से यह वसूली करीब 20,000 रुपये रोजाना की होती है, जिसकी कोई रसीद नहीं दी जाती। इससे चालकों की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
- एयरपोर्ट और पब्लिक पिकअप पॉइंट्स पर पार्किंग सुविधा: राजा भोज एयरपोर्ट पर ओला-उबर वाहनों को पार्किंग की अनुमति है, लेकिन पारंपरिक टैक्सी चालकों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यूनियन मांग करती है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, और एयरपोर्ट पर टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहनों के लिए उचित पार्किंग दी जाए।
- एयरपोर्ट पर प्राइवेट टैक्सियों का अतिक्रमण रोका जाए: यूनियन का आरोप है कि एयरपोर्ट पर प्राइवेट वाहन चालक ओला-उबर की बुकिंग रद्द करवाकर सवारियों को लालच देकर ले जाते हैं, जिससे चालकों की आय घट रही है और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
- अवैध प्राइवेट और टू-व्हीलर टैक्सी सेवाएं बंद हों: ओला, उबर, और रैपिडो जैसी कंपनियां बिना फिटनेस, कमर्शियल परमिट, या बीमा के निजी वाहनों को टैक्सी के रूप में चला रही हैं। इससे पारंपरिक चालकों को 50-60 हजार रुपये सालाना का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
- निजी टैक्सी कंपनियों पर सरकारी दरें लागू हों: यूनियन ने मांग की है कि ओला-उबर जैसी कंपनियों पर कलेक्टर दरें लागू की जाएं, जो पारंपरिक टैक्सियों पर लागू होती हैं। वर्तमान में ये कंपनियां मनमाने किराए तय करती हैं, जिससे चालकों को नुकसान होता है।
- फिटनेस मशीनों की तकनीकी खामियां दूर हों: परिवहन विभाग की फिटनेस मशीनें सही काम नहीं कर रही हैं, जिसके कारण छोटी-छोटी तकनीकी गड़बड़ियों पर वाहन फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाते हैं, और चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
- पैनिक बटन की अवैध वसूली बंद हो: टैक्सी वाहनों में लगाए जा रहे पैनिक बटन की बाजार कीमत 4000 रुपये है, लेकिन इसके लिए 13,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा, ज्यादातर पैनिक बटन काम नहीं करते, जिससे चालकों को अनावश्यक खर्च उठाना पड़ रहा है।
- यूनियन के लिए स्थायी कार्यालय: यूनियन ने तुलसी नगर, भोपाल में G टाइप या F टाइप का शासकीय आवास मांगा है, ताकि संगठन का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
हड़ताल का प्रभाव: यात्रियों की बढ़ेगी मुसीबत
इस हड़ताल के कारण भोपाल में 14 जुलाई को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक टैक्सी और ऑटो सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। इसका असर रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, और एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा होगा, जहां रोजाना हजारों यात्री परिवहन के लिए टैक्सी और ऑटो पर निर्भर रहते हैं। हबीबगंज, रानी कमलापति स्टेशन, और राजा भोज एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन की तलाश करनी पड़ सकती है। मेट्रो सेवाएं, जो अभी भोपाल में सीमित हैं, पर भीड़ बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
भोपाल पुलिस ने यूनियन को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी है, लेकिन यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा, "हम यूनियन की मांगों पर विचार करेंगे, लेकिन शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।"
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से सांसद हैं, ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा, "टैक्सी और ऑटो चालकों की समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए। मैंने परिवहन विभाग से इस मामले में तत्काल कदम उठाने को कहा है।"
विपक्ष का हमला: "BJP सरकार की नाकामी"
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस हड़ताल को BJP सरकार की नाकामी से जोड़ा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "रेलवे स्टेशनों पर अवैध वसूली और निजी टैक्सी कंपनियों का शोषण BJP सरकार की मिलीभगत से हो रहा है। टैक्सी चालकों की उपेक्षा शर्मनाक है।"
यह हड़ताल न केवल यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनेगी, बल्कि टैक्सी और ऑटो चालकों की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा प्रभाव डालेगी। नफीसउद्दीन ने बताया, "एक टैक्सी चालक रोजाना 1000-1500 रुपये कमाता है, लेकिन अवैध वसूली और निजी कंपनियों की मनमानी ने उनकी कमाई को 500-700 रुपये तक सीमित कर दिया है।"
परिवहन विशेषज्ञ डॉ अजय शर्मा ने कहा, "निजी टैक्सी कंपनियों ने पारंपरिक चालकों के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। सरकार को इन कंपनियों पर नियमन लागू करना होगा, ताकि सभी चालकों को समान अवसर मिलें।"












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