Supreme court ने MP के तकनीकी-मैनेजमेंट कॉलेजो में प्रवेश तिथि बढ़ाई, 85 हज़ार से ज़्यादा खाली पड़ी हैं सीटें
Supreme court: सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा की युगल पीठ ने प्रदेश भर के 400 से अधिक निजी तकनीकी एवं मैनेजमेंट कॉलेजो में रिक्त पड़ी 85,000 से ज्यादा सीटों के प्रवेश हेतु अंतिम तिथि बढ़ाते हुए इस सत्र हेतु तिथि 20 अक्टूबर, 2023 तक तय की है।
इससे प्रदेश भर के कॉलेजो को बड़ी राहत मिली, जिनमें काउन्सलिंग के बाद भी भरी मात्रा में सीटें नहीं भर पाई थी। कोर्ट का यह आदेश उस याचिका में आया जो एसोसिएशन ऑफ टेक्निकल एवं प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट (API) द्वारा हाल ही में दायर किया गया था।

एसोसिएशन द्वारा यह कहा गया था कि दो चरणों की काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद भी 85,000 से ज्यादा सीटें रिक्त पड़ी हुई है। कई कॉलेजों में 20 प्रतिशत तक भी प्रवेश नहीं हो पाए। इसका मूल कारण यह था कि JEE की जिस परीक्षा के आधार पर मध्य प्रदेश भर में प्रवेश होते है, स्वयं JEE की राष्ट्रीय काउन्सेलिंग (ऑल इंडिया काउन्सेलिंग) प्रक्रिया 31 अगस्त तक चलती रही। साथ ही इस वर्ष प्रदेश की कई शासकीय विश्वविद्यालयों द्वारा अपने स्नातक परीक्षाओ के परिणाम अभी तक जारी नहीं किए। इस वजह से 5 हजार से अधिक छात्र काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाए। इनमे रीवा की अवदेश प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी, सागर की हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी, छिंदवाड़ा की महाराजा छत्रसाल यूनिवर्सिटी और ऐसी अन्य कई यूनिवर्सिटी शामिल है। जिन्होंने अभी तक परीक्षा के परिणाम घोषित नही किए।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद प्रवेश की अंतिम तिथि को 15 दिन और बढ़ा दिया गया, जिसमे अब काउंसलिंग के दो चरण और संभव हो सकेंगे। एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता और मृगाँक प्रभाकर ने पेरवी की। आपको बता दें कि प्रदेश भर में 400 से अधिक निजी मैनेजमेंट और तकनीकी संस्थाए संचालित है, जिसमें प्रवेश की प्रक्रिया राज्य शासन, तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जाती है।












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