'राम-राम...' कहकर शिवराज सिंह ने चौंकाया, क्या सीएम पद से हो गए दूर?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तस्वीर के साथ 'राम-राम' का संदेश शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जिसके बाद सियासी गलियारों में कानाफूसी शुरू हो चुकी है कि क्या एक बार फिर सीएम की कुर्सी पर चौहान होंगे या उन्हें कोई नई जिम्मेदारी मिलने वाली है? हालांकि, चौहान पहले ही कई बार खुद को सीएम फेस की रेस से दूर बता चुके हैं।
इस बीच, उनका सामने आया 'राम-राम'का संदेश कई तरह के सियासी मायनों को हवा दे रहा है। इसकी वजह यह है कि 'राम-राम' का प्रयोग आमतौर पर अभिवादन के साथ-साथ विदाई दोनों संदेश के रूप में किया जाता है।

उधर, राज्य बीजेपी प्रमुख वीडी शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी की भारी जीत के बाद विधायक और शीर्ष नेतृत्व तय करेंगे कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। यह भी बताया कि तीनों (केंद्रीय) पर्यवेक्षक सोमवार सुबह भोपाल पहुंचेंगे। विधायक अपना नेता चुनने के लिए शाम 4 बजे बैठक करेंगे। विधायकों को निमंत्रण भेज दिया गया है। पार्टी की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और निर्णय लिया जाएगा।
शिवराज के संदेश पर क्या बोले शर्मा?
चौहान के ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह (भगवान) राम का देश है। 22 जनवरी को, अयोध्या में राम मंदिर में भगवान राम की एक भव्य मूर्ति की प्रतिष्ठा की जाएगी। हम एक-दूसरे को 'राम-राम' कहकर अभिवादन करते हैं। दिन की शुरुआत राम के नाम से करना हमारी संस्कृति है। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक कैडर आधारित संगठन है और पार्टी कार्यकर्ता नेतृत्व द्वारा लिए गए किसी भी फैसले को स्वीकार करेंगे और उसका सम्मान करेंगे।
शर्मा ने यह भी कहा कि हमारा नेतृत्व...माननीय प्रधानमंत्री, माननीय अमित शाह जी, माननीय भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय नेतृत्व फैसला करेगा। कार्यकर्ता इस फैसले का सम्मान करेंगे...हमारा नेतृत्व फैसला करेगा।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विधायक अपना नेता तय करेंगे। बीजेपी ने शुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, पार्टी के ओबीसी मोर्चा के प्रमुख के लक्ष्मण और सचिव आशा लाकड़ा को मध्य प्रदेश में अपने विधायक दल के नेताओं के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया।












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