Madhav National Park: टाइगर आने के बाद बलारी माता मंदिर पर प्रतिबंध, मंदिर महंत, ग्रामीण और वन विभाग में विवाद
शिवपुरी माधव नेशनल पार्क स्थित बलारी माता मंदिर में शतचंडी यज्ञ से पहले मंदिर से जुड़े लोग, महंत, ग्रामीण और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी आपस में भिड़ गए। वन कर्मियों ने लाठियां भांजी तो ग्रामीणों ने भी हमला कर दिया।

Shivpuri Madhav National Park: माधव नेशनल पार्क के अंदर स्थित प्रसिद्ध बलारी माता मंदिर में शतचंडी यज्ञ और नेशनल पार्क के गेट से मंदिर तक जाने के रास्ते को लेकर मंदिर के महंत, ग्रामीण और वन विभाग में विवाद छिड़ गया। बीते रोज मंदिर में यज्ञ के लिए वेदी बनवाने ईंटे बुलवाई थीं, जिसे वन विभाग ने जब्त कर ड्राइवर-क्लीनर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर केस दर्ज कर जेल भेज दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे महंत रमन भारती, ग्रामीणों का वन विभागके डिप्टी रेंजर एसके शर्मा व अन्य वन्यकर्मियों से विवाद हो गया। वन कर्मियों ने लाठियां भांजी तो ग्रामीणों ने भी वन अमले पर हमला कर दिया। मामले में महंत, डिप्टी रेंजर सहित कईयों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
जानकारी अनुसार शुक्रवार को मंदिर पर शतचंडी यज्ञ की तैयारियों को लेकर मंहत ने ईंटों से भरा ट्रक मंगवाया जिसे पार्क स्टाफ ने रोककर जब्त कर लिया और ट्रक डाइवर व क्लीनर पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। पार्क प्रबंधन ने मेन गेट पर ताला लगाया और मंदिर का रास्ता रोक दिया। इससे ग्रामीण भड़क गए और स्टाफ पर हमला कर दिया। हमले में डिप्टी रेंजर एसके शर्मा पर लाठियां भांज दीं। उन्हें चोटें आईं हैं। पार्क गेट पर तैनात चौकीदार ओमप्रकाश तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। उनके हाथ चोटिल हो गया। फॉरेस्ट गार्ड विद्यासागर तिवारी पथराव में घायल हुए। कोतवाली पुलिस ने डिप्टी रेंजर एसके शर्मा की रिपोर्ट पर महंत रमन भारती, बिट्टू शर्मा व अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है तो घायल महंत रमन भारती की रिपोर्ट पर डिप्टी रेंजर एसके शर्मा सहित तीन-चार अन्य वनकर्मियों के खिलाफ कायमी दर्ज की है।
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माधन NP में टाइगर आने के बाद विवाद बढ़ गया
दरअसल बाघ पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के तहत शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में तीन टाइगर छोड़े गए हैं। पार्क के अंदर बने बलारी माता मंदिर जाने पर वन विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से प्रतिबंध लगा दिया। मामला प्रदेश शासन के मंत्री और कलेक्टर तक की जानकारी में है। मंदिर के महंत व ग्रामीण मंदिर पर कार्यक्रम के लिए अड़े हुए हैं, जबकि वन विभाग बाघों और बाघों से श्रृद्धालुओं की सुरक्षा का हवाला देकर मंदिर का रास्ता रोक रहा है। इसी को लेकर विवाद चल रहा है। इधर मंदिर के महंत व कमेटी ने 23 मई से मंदिर परिसर में शतचंडी यज्ञ का आयोजन कर लिया, जिसकी तैयारियां चल रही हैं।












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