MP News By Election: श्योपुर के विजयपुर में दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी समेत 6 कांग्रेस नेताओं पर FIR
Vijaypur by-election news: श्योपुर जिले के विजयपुर थाने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, और अन्य कांग्रेस नेताओं पर बिना अनुमति सभा करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
यह मामला उस समय सामने आया जब भाजपा नेताओं ने कलेक्टर किशोर कन्याल के पास एक शिकायत दर्ज कराई, जिसके परिणामस्वरूप रविवार को एफआईआर दर्ज की गई।

घटना का क्रम
भाजपा का आरोप है कि 25 अक्टूबर को कांग्रेस नेताओं ने विजयपुर में एक रैली निकालने के लिए अनुमति प्राप्त की थी। लेकिन, रैली के दौरान वे तहसील कार्यालय के पास बिना अनुमति के सड़क पर सभा आयोजित करने लगे। इस सभा से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे वहां जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
भाजपा ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस नेताओं पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। भाजपा के नेताओं ने प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की थी, जिसके चलते पुलिस ने मामला दर्ज किया।

कांग्रेस के जिन छह नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- जीतू पटवारी - प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
- दिग्विजय सिंह - राज्यसभा सांसद
- हेमंत कटारे - उपनेता प्रतिपक्ष
- फूल सिंह बरैया - कांग्रेस विधायक
- मुकेश मल्होत्रा - कांग्रेस प्रत्याशी, विजयपुर
- हरिकिशन कुशवाह - ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस
- इन सभी नेताओं के खिलाफ बीएनएस की धारा 126, 223, और 285 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस का बयान
विजयपुर के एसडीओपी राघवेंद्र सिंह तोमर ने मामले की जानकारी देते हुए कहा, "एफएसटी प्रभारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। कांग्रेस नेताओं ने निर्धारित स्थान के बजाय सड़क पर सभा की थी, जिससे समस्या उत्पन्न हुई।"

यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ लाता है, खासकर उस समय जब चुनावी मौसम में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ गया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच की इस घटना ने दोनों पक्षों के नेताओं के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है, जिससे आने वाले चुनावों में संभावित मतदाता ध्रुवीकरण पर असर पड़ सकता है।
भाजपा द्वारा की गई शिकायत और उसके परिणामस्वरूप दर्ज एफआईआर इस बात का संकेत है कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को सहन नहीं किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख सकती है, जिससे उनका बयान और भी मजबूत होगा।
रैली का आयोजन
कांग्रेस ने 25 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक रोड शो का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, और लाखन सिंह जैसे कई आला नेता मौजूद थे। रोड शो के बाद मुकेश मल्होत्रा ने शाम करीब 4:43 बजे नामांकन भरा और फिर तहसील कार्यालय के सामने मुख्य सड़क पर एक सभा आयोजित की, जिसे प्रशासन से अनुमति नहीं मिली थी।
भाजपा का आरोप और कार्रवाई
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सड़क पर सभा की, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। भाजपा नेता शशांक भूषण ने कहा, "कांग्रेस चुनाव आयोग के निर्देशन का उल्लंघन करके सड़क पर 2 घंटे तक विजयपुर में सभा करती रही, जिससे आम जन का आगमन बाधित हुआ।" इसके बाद भाजपा ने कलेक्टर किशोर कन्याल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई, जिसके चलते पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस नेता बैजनाथ कुशवाह ने प्रशासन पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा, "रैली के दौरान भीड़ ज्यादा इकट्ठी हो गई थी, लेकिन यह तो जाम था जो भाजपा के प्रत्याशी रामनिवास रावत के द्वारा भी उत्पन्न किया गया था।" उन्होंने आगे कहा, "हम एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं। चुनाव कांग्रेस जीत रही है, और भाजपा की बौखलाहट स्पष्ट है।"












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