Tiger का सिर काटने वाले को ढूंढने पर MP में मिलेगा 25 हजार का इनाम, सिर्फ पूछने पर एक शख्स लटक गया पेड़ पर
Satpura tiger reserve: मध्य प्रदेश के नेशनल पार्क और जंगलों के रिजर्व एरिया की खूबसूरती बढ़ाने वाले टाइगर कितने खतरें में हैं, इसका खुलासा 26 जून को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में मिले बिना सिर के टाइगर के शव से हुआ। धारदार हथियार से टाइगर का सिर काटकर ले जाया गया।
इस करतूत को किसने और क्यों अंजाम दिया, अभी तक रहस्य बना हुआ हैं। बीते आठ दिन से वन विभाग का अमला जंगलों और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व एरिया से लगे जिलों में खाक छान रही हैं। आलम यह है कि टाइगर का सिर काटकर ले जाने वालों का पता लगाने 25 हजार रूपए का इनाम तक घोषित करना पड़ा हैं।

शिकारियों की खोजबीन में इन जिलों में डेरा
सनसनीखेज क्रूरतम वारदात के बाद एसटीआर और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स कई सवालों के घेरे में हैं। उसकी कई टीम जंगल और एसटीआर की सीमा से लगे बैतूल, छिंदवाड़ा के गांवों में शिकारियों की खोजबीन में जुटी हैं। घटना स्थल और बिना सिर के बरामद टाइगर के धड़ को देखने के बाद स्पष्ट हुआ कि इस करतूत को किसी बड़े गिरोह ने अंजाम दिया हैं।
कई संदिग्धों हिरासत में लेकर पूछताछ
कौन है वो लोग? जिन्होंने कड़ी सुरक्षा वाले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व जैसी जगह में आसानी से घुसपैठ कर टाइगर का सिर काट लिया। यही पता लगाने के लिए वन विभाग की टीम कई संदिग्धों की भी धर-पकड़ में जुटी हैं। टीम छिंदवाड़ा होते हुए बैतूल जिले भी पहुंची। सूत्र बताते है कि यहां के धंसाई गांव के एक आदिवासी शख्स को हिरासत में लेकर मृत टाइगर के संबंध में पूछताछ की गई।
जिस शख्स से पूछताछ की, उसने किया सुसाइड
बताया गया घटना के चार दिन बाद एसटीआर और टीएसएफ की टीम गांव के अनीश उइके को उठाया था। जब उससे कोई सुराग नहीं मिला, तो उसे छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक अनीश जब वापस अपने गांव लौटा तो वह गुमसुम था। 1 जुलाई की रात को खाना खाकर वह सो गया। अगले दिन सुबह एक खेत में जाम के पेड़ पर उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। कहा यह भी जा रहा है कि अनीश के अलावा गांव के तीन और युवकों से पूछताछ की गई थी। अनीश ने ख़ुदकुशी क्यों की? अब यह भी रहस्य बन गया हैं। हेडलेस टाइगर केस के बाद वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो बाघों के खतरे को लेकर रेड अलर्ट जारी कर चुका है।












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