संत चैतन्य महाप्रभु की जयंती पर उनको CM मोहन यादव ने किया याद
भक्ति काल के प्रमुख कवि, महान श्रीकृष्ण भक्त संत चैतन्य महाप्रभु की जयंती पर मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने उन्हें याद किया।
नमन करते हुए कहा कि आपकी शिक्षाएं मानवता के कल्याण के ध्येय की प्राप्ति में सदैव योगदान देती रहेंगी। चैतन्य महाप्रभु को याद करते हुए सीएम मोहन यादव ने कल्याण की कामना की। आइए जानते हैं चैतन्य महाप्रभु के बारे में...

दरअसल, चैतन्य महाप्रभु का जन्म 18 फरवरी 1486 में बंगाल के नादिया में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। चैतन्य महाप्रभु अपने माता-पिता की नौंवी संतान थे। इनसे पहले 8 बेटियां हुईं थीं। चैतन्य महाप्रभु भक्ति में पाखंड और अंधविश्वास के घोर विरोधी थे। इसके साथ ही जात-पात छुआछूत के भी विरोधी थे। चैतन्य महाप्रभु का निधन 1533 में 47 साल की उम्र में निधन हो गया। किशोरावस्था में ही उनका निधन हो गया था।
13 महीने मां के गर्भ में रहे थे चैतन्य महाप्रभु
कहा जाता है कि चैतन्य महाप्रभु 13 महीने अपनी मां के गर्भ में रहे थे। इनके जन्म से पहले 8 बेटियां हुईं थीं। लेकिन, सभी की मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि करीब 15 से 16 साल की उम्र में ही चैतन्य महाप्रभु का विवाह लक्ष्मी देवी के साथ हो गया था। लेकिन, सांप के काटने से उनकी मौत हो गई। इसके बाद चैतन्य महाप्रभु को दूसरा विवाह करना पड़ा था।












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