MP:करोड़ों की चांदी पकड़ने, छोड़ने में पुलिस संदिग्ध, एसपी ने जांच बैठाई, स्क्वाड भंग, रिश्वत भी वापस!
चांदी तस्करों से करोड़ों का माल पकड़ा, लाखों लेकर छोड़ा, एसपी ने बैठाई जांच, स्क्वाड भंगसराफा कारोबारियों पर पुलिस की अवैध कार्रवाई, एसपी की जानकारी बगैर चल रही थी स्क्वाड, भंगकर जांच बैठाई
सागर, 14 सितंबर। सागर के सराफा कारोबारियों और मंडी में बाहर से आने वाले सोने-चांदी के व्यापारियों पर एक थाना और इनके दलालों कि गिध्ददृष्टि लगी हुई है। पुलिस किस तरह व्यापारियों का माल पकड़ती है, रिश्वत लेकर छोड़ती है, कैसे खेल करती है? इसका सागर एसपी की सख्त कार्रवाई के बाद खुलासा हुआ है। दरअसल दो दिन पहले सागर में अघोषित रुप से एसपी स्क्वाड के नाम पर गठित एक दल ने एक थाना प्रभारी के अघोषित नेतृत्व में मालथौन टोल प्लाजा से सागर के कुछ व्यापारियों का माल कार से पकड़ा था। इसमें कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। बाद में करोड़ों का यह माल लाखों का नजराना लेकर छोड़ दिया गया था। मामला एसपी तक पहुंचा तो उन्होंने एसडीओपी स्तर के अधिकारी को जांच सौंप दी। अघोषित चल रहे एसपी स्क्वाड को भंग कर दिया गया। नतीजा बीते रोज व्यापारियों से लिया गया नजराना एक-एक कर वापस कर दिया गया है। मामले में पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

मप्र के सागर में एक थाना प्रभारी द्वारा सराफा कारोबारियों और बाहर से माल लेकर आने वाले व्यापारियों पर जब तक कार्रवाई की जाती रही है। शहर में ये थाना प्रभारी किसी भी थाने में रहे हों, वही से अपने थाना के अधिकारी क्षेत्र तो ठीक जिले के बाहर तक एक स्क्वाड के माध्यम से कार्रवाई कर सोना-चांदी पकड़ते रहे हैं। सराफा व्यापारियों के बीच पुलिस के कुछ मुखबिर जो दलाल की भूमिका में रहते हैं, वे भी इनके साथ भरपूर सांठगांठ कर माल आने-जाने की सूचना देते रहे हैं। कई सालों से चल रहे इस सराफा कारोबार पर अघोषित कार्रवाई का खेल एक झटके में उजागर हो गया। पुलिस कप्तान के कानो तक जैसे ही यह अवैध कार्रवाई और करोड़ों के माल पर लाखों के नजराना लेने की बात पहुंची तो उन्होंने अपने ही थाना प्रभारियों और कथि स्क्वाड पर जांच बैठा दी। मामले में सबसे पहले सामने आया कि एसपी स्क्वाड ने कार्रवावई की है जिसकी जानकारी एसपी को भी नहीं थी, तो सबसे पहले उसी पर गाज गिरी और उसे तत्काल भंग कर दिया गया। आरक्षकों को संबंधित थानों में भेज दिया गया है। एसडीओपी स्तर के अधिकारी इस मामले में जांच कर रहे हैं।

यह है पूरा मामला
सराफा और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार दो दिन पहले शहर के एक थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक दल जिसे एसपी का स्पेशल स्क्वार्ड कहा जाता है, उसमें शामिल पुलिसकर्मियों ने मालथौन बेरियर पर कार्रवाई करते हुए सागर के एक सराफा व्यापारी की कार को रोका था। उसमें करीब छह थोक चांदी कारोबारियों का माल भरा हुआ था। यह माल पुलिस ने बेरियर से ही दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कराया। माल करीब ढाई करोड़ बताया जा रहा है, जिसमें चांदी के जेवर थे। यह टीम माल व गाड़ियों को लेकर न थाने पहुंची और न पुलिस के किसी दफ्तर पहुंची। मोतीनगर थाना इलाके में एक दालमिल के पास गाड़िया रोक ली गईं। करीब छह से 8 घंटे तक कोई कायमी, कार्रवाई नहीं की गई। रात में प्रति किलो के हिसाब से नजराना (रिश्वत) लेकर पूरा माल व्यापारियों को वापस कर दिया गया। इसमें पूरी संदिग्ध कार्रवाई में पुलिस की सायबर सेल के कुछ कर्मचारी भी शामिल होना बताए जा रहे हैं। मामले की जानकारी सराफा व्यापारियों से मीडिया और यहां से होते हुए पुलिस कप्तान तक पहुंची थी। उन्होंने अपने स्तर पर जब विभाग में जानकारी जुटाई तो उन्हें मामले की पूरी जानकारी पता चल गई। एसपी तरुण नायक ने रात में ही इस मामले में जांच बैठा दी। एसडीओपी स्तर के एक अधिकारी को जांच सौंपी गई। जब एसपी स्क्वाड की बात आई तो उनकी जानकारी में इस तरह की कोई स्क्वार्ड थी ही नहीं, जिसे उन्होंने तत्काल भंग करा दिया। बताया जाता है कि यह स्क्वाड पूर्व एसपी ने एक मामले के लिए गठित की थी, उनके तबादले के बाद भी यह स्क्वाड अघोषित रुप से खेल करती आ रही है।

व्यापारियों से चांदी छोड़ने के एवज में वसूली रकम भी वापस
मोतीनगर थाना सूत्र और सराफा व्यापारियों से मिली जानकारी अनुसार मालथौन बेरियर से पकड़ी गई करीब ढाई करोड़ रुपए कीमत की चांदी को बिना केस बनाए छोड़ने के एवज में प्रति किलो 10 हजार रुपए के हिसाब से पुलिस ने नजराना लिया था। व्यापारियों को आगे भी धंधा करना है, पुलिस से बैर नहीं कर सकते, इसलिए उन्होंने माल छुड़ाने के लिए राशि दे दी थी। जब एसपी ने जांच बैठाई, कार्रवाई करने वाली स्पेशल स्क्वाड भंग हुई तो सकते में आए थाना प्रभारी ने आनन-फानन में व्यापारियों को बुलाकर यह नजराना राशि वापस कर दी। बताया जा रहा है कि व्यापारियों से हाथ जोड़कर माफी भी मांगी गई है। हालांकि इसको लेकर कोई बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन सराफा बाजार में इस बात की जानकारी और चर्चा हर दुकानदार कर रहा है।
मीडिया के माध्यम से खुला मामला
दरअसल सोमवार सुबह मालथौन टोल प्लाजा पर जब सागर की पुलिस ने बिना अधिकारियों की जानकारी के सिविल यूनिफाॅर्म में कार्रवाई की तो इस दौरान सागर के एक सराफा व्यापारी की कार को रोका गया था। इसमें से ड्राइवर व अन्य लोगों को उतारकर एक स्कार्पियों कार में बैठाया गया। कुल तीन कारों को कथित एसपी स्क्वाड सागर लेकर आई। हैरत की बात यह कारें, एसपी स्क्वाड और करोड़ों की चांदी शहर के किसी थाने नहीं पहुंची। मोतीनगर थाना इलाके में एक जगह ये कारें रुकीं और पूरी कार्रवाई यहीं हो गई। दोपहर तक माल व्यापारियों के पास पहुंच गया और पुलिस ने प्रति किलो के हिसाब से लाखों रुपए नजराना ले लिया। मामले में मीडिया को भनक लगी तो सोशल मीडिया पर चेटिंग शुरु हो गई। इधर कुछ पत्रकारों ने उक्त कार्रवाई को लेकर एसपी से जानकारी मांग ली। उन्हें कुछ पता नहीं था। कप्तान साहब ने तत्काल एक्शन लिया और मालथौन से लेकर मोतीनगर तक पुलिस की कार्रवाई की जानकारी जुटाई। मालथौन इलाके में हुई कार्रवाई की मालथौन थाना प्रभारी को ही जानकारी नहीं थी। इस पर एसपी ने खुरई एसडीओपी सुमत केरकटा को जांच सौंप दी। इधर एसपी ने कोई स्क्वाड बनाई ही नहीं थी, सो तत्काल अवैध स्क्वाड को भंग कर दिया गया।












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