Chhatarpur: दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग से थाने में बेल्ट-लातों से मारपीट, मां और CWC ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सागर, 7 सितम्बर। मप्र के छतरपुर में वर्दी पर गंभीर आरोप लगे हैं। छतरपुर में 13 साल की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को रातभर थाने में रखकर उसे महिला पुलिसकर्मियों द्वारा बेल्ट-लातों से मारने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता की मां और बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने पूरे थाने सहित टीआई को कटघरे मे खड़ा करते हुए लिखित में इस आशय की शिकायत लिखित में कलेक्टर के दी है।

मप्र के छतरपुर कोतवाली थाना प्रभारी और दो महिला पुलिसकर्मियों पर 13 साल की नाबालिग को शिकायत करने के कारण रात में थाने के अंदर रखकर बेल्ट, लातों से बेरहमी से बेहोश होने तक पीटने के आरोप लगे हैं। मामला इसलिए गंभीर है कि पीड़िता और उसकी मां इलाके के एक व्यक्ति पर पहले अपहरण करने और घर में बंद कर दुष्कर्म करने के खुलेआम आरोप लगाए गए हैं। मामले में बाल कल्याण समिति के सदस्य भी पुलिस पर उनकी मौजूदगी में पीड़िता के घर पर आरोपी को लाने और समिति की जांच प्रभावित करने की शिकायत कलेक्टर से की गई हैं। Sagar: ब्राह्मण परशुराम भी हैं और रावण भी, लेकिन परशुरामजी पूजे जाते हैं और रावण को जलाया जाता हैः प्रीतम लोधी
नाबालिग पीड़िता की मां ने सुनाई आपबीती
नाबालिग अपहह्रत व रेप पीड़िता की मां ने स्थानीय मीडिया को बताया कि 27 अगस्त की दोपहर में उनकी बेटी घर के पास गई थी, वह काफी देर तक नहीं लौटी तो उसकी तलाश शुरु की गई थी। रातभर उसकी तलाश की थी। 28 अगस्त को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे, पुलिस ने बेटी की उम्र 13 बताने के बाद भी 18 साल दर्ज कर गुमशुदगी दर्ज कर ली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। मां ने बताया कि मोहल्ले वालों की मदद से जानकारी मिली कि कोतवाली क्षेत्र में रहने वाला बाबू खान उसे उठाकर ले गए है। परिजन अपने रिश्तेदारों के साथ लड़की को 30 अगस्त को बाबू खान के घर के पीछे से छुड़ाकर लाए थे। लड़की ने बताया कि बाबू खान उसे जबरन ले गया था और बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म किया है। रात में जब रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचे तो यहां दो महिला पुलिसकर्मियों ने बयान बदलने का दबाव बनाया। मना किया तो बेटी को थाने में रातभर बैठाया और बेल्ट व लातों से उसे मारा। मां को मुंशी के साथ बाहर भगा दिया था। मां पहुंची तो बेटी बेहोश थी। कई बार थाने जाने के बाद 1 सितंबर को एफआईआर लिखी जा सकी। एफआईआर में अपहरण का जिक्र नहीं किया।
बाल कल्याण समिति सदस्यों ने भी पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
बाल कल्याण समिति के सदस्य सौरभ भटनागर ने बताया कि मामले की जानकारी लगने पर वे 3 सितंबर को पीड़िता के घर पहुंचे थे। इसी दौरान रात करीब साढे़ नौ बजे कोतवाली टीआई अनूप यादव दुष्कर्म के आरोपी बाबू खान को साथ लेकर पीड़िता के घर पहुंच गए थे। जब हमने आपत्ति जताई तो वे अभद्रता करने लगें। भटनागर ने टीआई पर गाली-गलौज करने के आरोप भी लगाए हैं। मौके से ही कलेक्टर को फोन पर शिकायत करने की बात भी वे कह रहे हैं। बाद में कलेक्टर को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है।
एसपी बचा रहे थाना पुलिस को, बोले-मारपीट नहीं हुई, न हवालात में रखा
नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म और थाने में पीड़िता से मारपीट के आरोप से घिरी कोतवाली पुलिस व थाना प्रभारी को कप्तान भी बचाव करते नजर आ रहे हैं। एसपी सचिन शर्मा का कहना है कि न पीड़िता को हवालात में रखा न उससे मारपीट की गई है। इस बारे में पीड़िता ने शिकायत भी नहीं की है। बाल कल्याण समिति सदस्यों के आरोप निराधार हैं।












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