MP: राजस्व मंत्री के जिले में पटवारियों को सांप-बिच्छुओं का डर, खेत के अंदर सर्वे करने से इंकार
सागर, 26 अगस्त। मप्र बीते दिनों भीषण बाढ़ के हालात से गुजरा, किसानों के खेत, फसल, मकान, गृहस्थी सब बर्बाद हो गया। सीएम उड़नखटोला से सागर के बीना, कुरवाई आए और हालात देखकर मौके पर ही सर्वे कराने के आदेश देकर गए थे। ठीक दो दिन बाद उसी सागर जिले जो प्रदेश के राजस्व मंत्री गोविंद राजपूत का गृह जिला है, वहां के बीना से सर्वे में पटवारियों द्वारा गिरदाबरी एप से सर्वे न करने को लेकर मामला सामने आया है। इसमें पटवारी संघ ने लिखित में एक पत्र तहसीलदार को सौंप खेतों में जाने से इंकार किया है। पटवारियों को पानी से भरे, भीगे खेतों में जहरीले जीव-जंतुओं से भी डर लग रहा हैं।

मप्र के मुख्मंत्री शिवराज सिंह चौहान दो दिन पहले बीना और इससे सटे विदिशा जिले के कुरवाई आए थे। यहां बेतवा नदी में आई बाढ़ से इलाके में हजारों एकड़ की फसल बर्बाद हो गई। कई गांव जलमग्न हो गए थे। सैकड़ों किसानों का सबकुछ बाढ़ में बर्बादहो गया। बारिश थमते ही शिवराज सिंह चैहान यहां आए थे। बुधवार को बीना और विदिशा जिले में किसानों से कहकर गए हैं कि सर्वे कराकर जल्द से जल्द किसानों की फसलों का मुआवजा दिया जाएगा। उसी आधार पर बीमा की राशिा भी दिलाएंगे। उनके जाने के ठीक दूसरे दिन बीना तहसील के पटवारियों ने शासन के गिरदाबरी एप में समस्या बताते हुए खेत में जाकर सर्वे करने से असमर्थता जता दी।

बीना तहसीलदार को पटवारी संघ ने दिया है ज्ञापन
बीना के पटवारी संघ के अध्यक्ष संदीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में सभी पटवारियों ने एक ज्ञापन तहसीलदार सतीष वर्मा को सौंपा है। इसमें कहा गया है कि गिरदाबरी एप से सर्वे करने में असमर्थता जताते हुए कहा है कि इसमें खेत के अंदर जाकर खेत में खड़े होकर जियो टेगिंग करना होती हैं। लोकेशन के आधार पर सर्वे सबमिट होता है। यह बारिश के सीजन में कठिन काम है। वहीं खेतों में पानी और फसल के दौरान जहरीले-जीव जंतु, सांप-बिच्छुओं भी होते हैं। करंट का भी खतरा रहता है। इस कारण पुरानी व्यवस्था से ही सर्वे कराने के निर्देश दिए जाएं। अध्यक्ष संदीप का कहना है कि पटवारी खेतों में सर्वे तो कर रहे हैं, लेकिन गिरदाबरी एप से सर्वे करने से मना कर रहे हैं।












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