निकाय चुनाव: कांग्रेस के पूर्व मंत्री की किरकिरी, अडकर पार्षद टिकट दिलाए, दोनों के फॉर्म निरस्त
सागर, 21 जून। मप्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी की अपने गृह नगर में किरकिरी हो गई। दरअसल इन्होंने पार्टी संगठन में अडकर, लडकर अपने गृहवार्ड में पार्षद के दो टिकट दिलाए थे, दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन जमा कर दिए थे, लेकिन स्क्रूटनी में दोनों के फॉर्म खारिज हो गए। कांग्रेस अब इन वार्डों में अन्य प्रत्याशी तलाश रहीं है जिन्होंने पहले से फॉर्म जमा किया है। इधर सागर में पार्षदों के कुल पांच फॉर्म निरस्त हुए हैं।

सागर जिला निर्वाचन कार्यालय में बीती देर रात तक महापौर और पार्षदों के नामांकन फॉर्मों की स्क्रूटनी अर्थात जांच पडताल चलती रही। इसमें सागर नगर निगम में पांच पार्षद प्रत्याशियों के फॉर्म में कमी के चलते उन्हें निरस्त कर दिया गया है। वहीं महापौर के लिए आए सभी 11 नामांकन फॉर्म सही पाए गए। हालांकि इसमें कांग्रेस और भाजपा महापौर प्रत्याशियों ने दो-दो नामांकन फॉर्म जमा किए थे, जिनमें से एक-एक नामांकन फॉर्म उनके प्रतिनिधियों को वापस कर दिया गया है। अब कुल 8 प्रत्याशी महापौर पद के लिए मैदान में होंगे।
दबाव बनाकर दिलाए थे पूर्व मंत्री ने टिकट
मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने भगवानगंज इलाके के वार्डों से दो प्रत्याशी जिनमें वार्ड 15 से नीलू उमेश अहिरवार एवं वार्ड क्रमांक 22 से ताराबाई राय को पार्षद पद के लिए टिकट दिलाया था। कांग्रेस के चुनाव प्रभारी सुरेंद्र सुहाने ने बताया कि इन दोनों के फॉर्म में जाति प्रमाण-पत्र नहीं था, जिस कारण दोनों के फॉर्म निरस्त कर दिए गए हैं। नीलू भगवानगंज वार्ड व नीलू रविदास वार्ड से कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी थीं। वहीं वार्ड 15 से ही केशर चौधरी व वार्ड 22 से शबनम बी ने भी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर फॉर्म जमा किए थे, जबकि कांग्रेस ने इनको प्रत्याशी घोषित नहीं किया था, इनके फॉर्म भी निरस्त हो गए हैं। इनके अलावा एक निर्दलीय प्रत्याशी अनिता गुप्ता पति संजय गुप्ता वार्ड क्रमांक 34 मोहन नगर का फॉर्म भी निरस्त किया गया है। जिले से कुल 12 नामांकन खारिज किये गए।












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