चलती ट्रेन में 24 दिन की मासूम को पड़ गई ऑक्सीजन की जरूरत, सिलेंडर लेकर मदद के लिए पहुंचे लोग
चलती ट्रेन में मासूम बच्ची को पड़ गई ऑक्सीजन की जरूरत, सिलेंडर लेकर मदद के लिए पहुंचे लोग
भोपाल, 02 अप्रैल: सोशल मीडिया पर आधी रात को एक मैसेज वायरल हुआ, जिसमें लिखा था कि 'नागपुर से दिल्ली जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में 24 दिन की बच्ची को ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत है..।' नन्ही सी जान को बचाने के लिए लोग ने अपने-अपने स्तर ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया और भोपाल रेलवे स्टेशन की तरफ दौड़ पड़े। बताजा जा रहा है कि रात 2 बजे जब ट्रेन भोपाल स्टेशन पहुंची, तब वहां 5 ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ चाइल्ड स्पेशलिस्ट भी मौजूद थे।

नागपुर से दिल्ली जा रहे थे इलाज के लिए
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 24 दिन पहले पैदा हुई एक नन्हीं सी बच्ची को दिल की बीमारी है। उसके परिजन 31 मार्च की देर रात बच्ची को नागपुर से दिल्ली इलाज के लिए लेकर जा रहे थे। बच्ची ऑक्सीजन सपोर्ट पर थी और बीच रास्ते में ऑक्सीजन सिलेंडर अचानक फेल हो गया। सिलेंडर फेल होने से बच्ची के परिजन परेशान हो गए और चलती ट्रेन से मदद के लिए फोन और मैसेज करते हैं। देखते ही देखते मैसेज वायरल होकर भोपाल पहुंच जाता है।

क्या लिखा था वायरल मैसेज में
वायरल मैसेज में लिखा था कि 24 दिन की बच्ची को दिल की बीमारी है और उसे हमलोग इलाज के लिए नागपुर से दिल्ली लेकर जा रहे हैं। रास्ते में सिलेंडर फेल हो गया है। उसे ऑक्सीजन की तुरंत जरुरत है। अगला स्टेशन भोपाल है। ये मैसेज वायरल होते ही भोपाल में लोगों ने ऑक्सीजन सिलेंडर खोजने शुरू कर दिए। मैसेज के मुताबिक बच्ची के लिए 15 किलो के ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी।

रात 2 बजे भोपाल स्टेशन पहुंची ट्रेन
रात 2 बजे जब ट्रेन भोपाल स्टेशन पहुंची, तब वहां 5 ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ चाइल्ड स्पेशलिस्ट भी मौजूद थे। ट्रेन के पहुंचने पर बच्ची को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। चाइल्ड स्पेशलिस्ट ने उसके स्वास्थ्य की जांच भी की। इसके बाद बच्ची के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन के इंतजाम के साथ ट्रेन को रवाना किया गया। नन्हीं से जान को बचाने का जज्बा देख ट्रेन में मौजूद लोग भावुक हो गए थे।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय रहा
सोशल मीडिया पर वायरल हुए मैसेज के बाद मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग और भोपाल का जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया था। उन्होंने अपने अधीनस्थों की टीम और अस्पताल के साथ कार्डिनेट करते हुए मदद पहुंचाई। सभी बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट मिलने और ट्रेन रवाना होने तक स्टेशन पर ही मौजूद रहे। वहीं, एमपी के सीनियर आईएएस अफसर पी. नरहरि भी ट्रेन के भोपाल से रवाना होने तक अपडेट लेते रहे।

क्या कहा बच्ची की मां ने
बच्ची की मां लता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मेरे पति ने बैकअप ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने के बाद अपने दोस्तों और कुछ रेलवे अधिकारियों को मैसेज किए। उधर से जवाब मिला कि भोपाल स्टेशन पर हमलोग आपका इंतजार कर रहे हैं। जब हम भोपाल पहुंचे, उस वक्त रात के 2 बज रहे थे। स्टेशन पर मदद करने वाले लोगों की संख्या देखकर हम लोग हैरान रह गए। लता ने कहा कि मेरे बच्चे की मदद करने के लिए लोगों ने जिस तरह से सामने आए, हम उसे कभी नहीं भूल सकते।












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