नेशनल चैम्पियन सचिन साहू आइसक्रीम बेचने को मजबूर, नंगे पैर अभ्यास कर पाया था मुकाम
रीवा, 6 मई। मध्य प्रदेश के रीवा में पैराओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली सीता साहू के समोसे बेचने की खबर सामने आने के बाद अब एक अन्य दिव्यांग नेशनल चैम्पियन सचिन साहू इन दिनों आइसक्रीम बेचने को मजबूर है।

सचिन साहू का बायां पैर छोटा है
चार साल की कठिन मेहनत के बाद सचिन साहू ने ओडिशा के भुवनेश्वर में कलिंगा स्टेडियम में आयोजित एथेटिक्स की 20वीं नेशनल चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मैडल जीता था। दिव्यांग खिलाड़ी सचिन साहू का बायां पैर छोटा है उन्होंने 400 की रेस 1. 17 सेकंड में पूरी की थी।

सचिन के पास प्रैक्टिस करने के लिए जूते नहीं थे
ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित प्रतियोगिता 28 मार्च से 31 मार्च के बीच आयोजित की गई थी, जिसकी सफलता की राह आसान नहीं थी। सचिन के पास प्रैक्टिस करने के लिए जूते नहीं थे वो नंगे पैर कंकड़ पत्थर भरे मैदान में दौड़ कर प्रेक्टिस की।

साल 2015 से 2019 तक क्रिकेट खेला
खिलाड़ी सचिन साहू ने साल 2015 से 2019 तक क्रिकेट खेला, लेकिन दिव्यांग होने के कारण क्रिकेट में कुछ खास सफलता हाथ नहीं लगी। इस बीच ग्वालियर के एथेलेटिक्स कोच बीके धवन से सम्पर्क हुआ। उन्होंने एथिलेटिक्स में आने को कहा। हालाँकि एथेलेटिक्स की भी डगर आसान नहीं रही सबसे पहले ग्वालियर में ट्रायल हुआ वहा से स्टेट टीम में सिलेक्शन होने पर भोपाल स्टेडियम पहुंचा जहां कई दौर के प्रशिक्षण के बाद 2020 में नेशनल क्वालीफाई किया गया।

सचिन को चौथा स्थान मिला
कोविड के कारण प्रतियोगिता रुक गई। बाद में 2021 में 100 मीटर की प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें सचिन को चौथा स्थान मिला। सचिन उमरिया जिले के असोढ के समीप पटना गांव के रहने वाले हैं। परिवार में माता पिता के साथ चार बहने और दो भाई है। परिवार की माली हालत अच्छी नहीं है, जिसके चलते उन्हें आइसक्रीम का ठेला लगाना पड़ता है। सचिन चौथी रैंक आने के बाद भी हतास नहीं हुए और लगातर प्रेक्टिस करते रहे।
Madhya Pradesh | Para-athlete Sachin Sahu sells ice cream in Rewa to make ends meet
"Despite lack of facilities, I won a bronze medal in 400m race in 20th National Para-Athletics Championship. I appeal to the government to support me to play further," he said pic.twitter.com/bH53zzwdcf
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) May 6, 2022
भाई और पिता आइसक्रीम का ठेला लगाते है
बिना किसी सुविधा के सचिन के भाई और पिता आइसक्रीम का ठेला लगाते है। इनके साथ वो भी हाथ बंटाते हैं, जिससे घर खर्च चल रहा है। सचिन का यह ठेला राकेश आइसक्रीम सेंटर के नाम से रीवा के ढेकहा तिराहे पर लगता है, जहां वह दिनभर आइसक्रीम बेचते है।
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