मप्र चुनाव से ठीक पहले BJP को बड़ा झटका, संत समाज ने लिया यह बड़ा फैसला
जबलपुर। लगातार चौथी बार सरकार बनाने के लिए शिवराज सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। सियासी उथल-पुथल में शिवराज सरकार में मंत्री रहे संत कंप्यूटर बाबा अब मुख्यमंत्री के खिलाफ ही मैदान मे उतर गए हैं। शुक्रवार को जबलपुर में 'नर्मदे संसद' का विशाल कार्यक्रम आयोजन किया गया। जिसमें कि देश भर के करीब दस हजार से ज्यादा साधु संतों ने शिरकत की। कंप्यूटर बाबा ने नर्मदा में हो रहे अवैध उत्खनन और गौ रक्षा को मुद्दा बनाकर संतों ने शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मंच से ही भाजपा सरकार को उखाड़ फेंक और कांग्रेस की सरकार बनाने का सभी साधु संतों से आव्हान किया है।

वहीं कंप्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार को खूब कोसा और कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता। हमें इन्हें दिखाना है कि तुम हमारी ही दम पर थे। इसलिए जरूरी है कि इनको आईना दिखाया जाए। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जमकर शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ''मैं धन्यवाद देता हूं कंप्यूटर बाबा का जिनकी मन की बात पर कि प्रधानमंत्री ने कब्जा कर रखा था उसे अब साधु संतो तक पहुंचा दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि शिवराज सरकार ने नर्मदा मे अवैध उत्खनन करवाया। शिवराज सरकार को सत्ता का अहंकार हो गया है वो भूल गए हैं कि बीते 15 साल से सरकार बनाने में साधु संतो का अहम रोल रहा है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि संतों को मनाया जा सकता है पर डराया नहीं जा सकता है। इधर वैराग्यानंद महाराज ने भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अदित्यनाथ को लेकर कहा कि वहां पर भी बहुत से लोग दावेदार थे पर मुख्यमंत्री के लिए सबसे पहना नाम जब आया तो वो संत अदित्यनाथ का आया। वहीं मध्यप्रदेश को लेकर संत वैराग्यानंद ने कहा कि अभ तक तो हम भाजपा सरकार को चुन रहे थे पर अब की बार कांग्रेस सरकार। जब हमें डंके की चोट पर प्रचार करना है तो डरना किसी से नहीं, हमने हमेशा से ही भाजपा का झंड़ा थामा है पर इस सरकार ने कुछ नहीं किया है। इसलिए अब हम सभी साधु संत एक बार कांग्रेस को मौका देंगे अगर इन्होंने ये भी भाजपा का तरीका अपनाया तो उन्हें भी हटाकर कोई और के विषय में सोचा जाएगा।
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