MP New CM: मध्य प्रदेश में विधानसभा के स्पीकर होंगे नरेंद्र सिंह तोमर, BJP का बड़ा फैसला
Narendra Singh Tomar News: 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के 7 दिन बाद मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो गया है। एमपी सीएम के नाम को लेकर चले कई दिनों तक बैठकों के दौर के बाद सोमवार को विधायक दल की बैठक में मोहन यादव के नाम पर सहमति बन गई है। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी अब मोहन यादव संभालेंगे।
इसी के साथ मध्य प्रदेश में दो उप-मुख्यमंत्री भी होंगे, जिनके लिए राजेश शुक्ला और जगदीश देवड़ा को फाइनल किया गया है। इसी के साथ भाजपा ने बड़ा फैसला लेते हुए मध्य प्रदेश में विधानसभा के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर को बनाया है।

नरेंद्र सिंह तोमर होंगे विधानसभा अध्यक्ष
भोपाल में सोमवार को चली कई घंटों की बैठक के बाद पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी है। ऐसे में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री नए विधानसभा अध्यक्ष का पद संभालेंगे।
बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है। हालांकि इससे पहले नरेंद्र सिंह तोमर को सीएम की रेस में गिना जा रहा था, लेकिन अब पूरी तरह से मध्य प्रदेश की सियासी तस्वीर साफ हो चुकी है।
नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी ने इस बार दिमनी विधानसभा सीट से टिकट दी थी। जहां उन्होंने 79 हजार 137 वोटों से बड़ी जीत दर्ज की थी।
एमपी के नए स्पीकर के बारे में जानिए?
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के ओरेठी गांव में 12 जून 1957 को हुआ। तोमर एक राजपूत परिवार में आते हैं। उन्होंने जीवाजी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के दौरान वो छात्र संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
तोमर ग्वालियर नगर निगम के पार्षद रह चुके हैं। साल 1977 में उनको भाजयुमो का मंडल अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद 1984 में युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री बने और 1991 में प्रदेश अध्यक् बने। हालांकि पहली बार 1993 में ग्वालियर विधानसभा से उनको हार का मुंह देखना पड़ा। जिसके बाद 1998 में पहली बार विधानसभा में पहुंचे। 2003 से 2007 तक तोमर कैबिनेट मंत्री के पद पर रहे।
साल 2006 में नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष चुना गया। तोमर केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री, खान मंत्री और संसदीय मामलों के मंत्री रहे हैं। साल 2019 में उनको मुरैना लोकसभा सीट से चुना गया था। जिसके बाद वो ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय में रहे और उन्हें कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया।












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