Indore News: MPPSC आंदोलन खत्म, लोक सेवा आयोग ने मांगी सहमति, कलेक्टर की पहल पर खत्म हुआ आंदोलन
MP Indore News: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा के खिलाफ इंदौर में चल रहा आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। यह आंदोलन कई दिनों से चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में तैयारी कर रहे छात्रों ने आयोग की परीक्षा प्रक्रिया और परिणामों को लेकर विरोध जताया था।
आखिरकार, इंदौर कलेक्टर के प्रयासों और राज्य सरकार की पहल के बाद आंदोलन को खत्म करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परीक्षा से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण मांगों को स्वीकार किया, जिससे उम्मीदवारों को राहत मिली।

मुख्यमंत्री की सहमति से तीन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
आंदोलन के दौरान परीक्षार्थियों की ओर से उठाई गई तीन प्रमुख मांगों पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहमति दी। इन मांगों को स्वीकार करने के बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया।

87% के सभी रिजल्ट दिखाए जाएंगे
पहली और सबसे बड़ी मांग यह थी कि MPPSC की परीक्षा में जिन उम्मीदवारों के परिणाम 87% तक आए हैं, उनके रिजल्ट को सार्वजनिक रूप से दिखाया जाए। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया था कि आयोग ने कुछ रिजल्ट्स को जानबूझकर छुपाया है। अब मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति जताते हुए आदेश दिया है कि इन रिजल्ट्स को सार्वजनिक किया जाएगा। इससे उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित हो सकेगा कि उनका परिणाम सही तरीके से जारी किया गया है।

मेंस परीक्षा की कॉपी दिखाएंगे
दूसरी प्रमुख मांग में उम्मीदवारों ने यह कहा था कि MPPSC मेंस परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं (कॉपीज) उन्हें दिखाई जाएं। उम्मीदवारों का कहना था कि उनकी मेहनत और प्रयासों को ध्यान में रखते हुए, उन्हें अपनी परीक्षा की कॉपी देखनी चाहिए, ताकि वे जान सकें कि उन्होंने कहां गलती की। मुख्यमंत्री ने इस मांग को भी मानते हुए, परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं को दिखाने की प्रक्रिया को लागू करने का आश्वासन दिया।
प्री परीक्षा में गलतियां नहीं होंगी
तीसरी और अंतिम मांग यह थी कि MPPSC की प्रारंभिक (प्री) परीक्षा में कोई भी गलती न हो। उम्मीदवारों का आरोप था कि पिछले साल की प्री परीक्षा में कई प्रश्न गलत थे, जिसके कारण उन्हें बहुत परेशानी हुई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने यह भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी परीक्षा में इस तरह की गलतियों को नहीं होने दिया जाएगा और परीक्षा के पेपर की समीक्षा कड़ी निगरानी में की जाएगी।
कलेक्टर सिंह ने की पहल, आंदोलन को किया समाप्त
आंदोलन के अंत में कलेक्टर आशीष सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कलेक्टर ने उम्मीदवारों से मुलाकात की और राज्य सरकार की ओर से सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। कलेक्टर की पहल और मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद, आंदोलनकारियों ने फैसला किया कि उनका आंदोलन अब समाप्त हो जाएगा।
संगठनों और छात्रों की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन इंदौर के कई अन्य जिलों में भी फैल गया था। हालांकि, अब जब तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है, तो छात्रों और संगठनों ने इसका स्वागत किया है। उम्मीदवारों का कहना था कि वे लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे थे और अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।
साथ ही, कई छात्र संगठनों ने इस कदम को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया और कहा कि यह केवल एक शुरुआत है, अब आने वाली परीक्षाओं में इस तरह की समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
अब आगे क्या होगा
अब जब आंदोलन समाप्त हो चुका है, तो एमपीपीएससी के उम्मीदवारों और छात्र संगठनों का ध्यान आगामी परीक्षा प्रक्रिया और उनके परिणामों पर रहेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और भविष्य में परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।












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