सीएम शिवराज ने संभाला मोर्चा, भोपाल जेल का किया निरीक्षण
सिमी आतंकियों के जेल से भागने और एनकाउंटर को लेकर सियासी हंगामा जारी है। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल सेंट्रल जेल का मुआयना किया।
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल सेंट्रल जेल का औचक निरीक्षण किया। भोपाल जेल से सिमी के आठ आतंकियों के भागने और उनके एनकाउंटर के बाद सीएम शिवराज का ये जेल दौरा अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने भोपाल जेल का किया औचक निरीक्षण
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल सेंट्रल जेल का मुआयना किया। इसी जेल से रविवार रात में सिमी के आठ आतंकी फरार हो गए थे। जिनका बाद में एनकाउंटर हो गया था।

भोपाल जेल से भागे थे सिमी के आठ आतंकी
सिमी के आठ आतंकियों के जेल से भागने और एनकाउंटर को लेकर सियासी हंगामा जारी है। इस बीच सवाल ये उठ रहा है कि आखिर आतंकी जेल से भागने में सफल कैसे हुए?
इस बीच खबर आ रही है कि भोपाल जेल ब्रेक की जांच एनआईए करेगी या नहीं इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। कुल मिलाकर शिवराज सरकार एनआईए जांच से पीछे हट गई है।

एनआईए टीम कर रही है जेल ब्रेक की जांच
इस सबके बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जेल का दौरा करके वहां सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के साथ कई अधिकारी भी थे। वहीं जानकारी के मुताबिक सीएम शिवराज सिंह चौहान के दौरे से पहले जेल में सर्च अभियान चलाया गया।
सिमी के आठ आतंकियों के भागने और एनकाउंटर के बाद उसी जेल में बंद 21 आतंकियों की सेल में सर्च अभियान चलाया गया। जिसमें काफी सामान बरामद हुआ।

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने आतंकियों के भागने को लेकर जताया साजिश का शक
इस बीच मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के मुताबिक आतंकियों के जेल से भागने में अंदर के ही किसी बड़े नेटवर्क ने उनकी मदद की थी।
उनके मुताबिक आतंकियों का भागना किसी साजिश का हिस्सा था। हालांकि ये अभी जांच का विषय है।

रविवार रात में भोपाल जेल से भागे थे आतंकी
बता दें कि रविवार रात सिमी के आठ आतंकी भोपाल जेल से भागने में सफल हो गए थे। उन्हें जेल से भागने में रोकने के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रमाशंकर यादव शहीद हो गए थे।
भले ही आतंकी जेल ब्रेक कर भागने में सफल हो गए हों लेकिन बाद में मिली सूचना के बाद सभी आतंकियों का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था।

मानवाधिकार आयोग ने मांगा सरकार से जवाब
हालांकि इस एनकाउंटर पर विपक्ष ने सवाल उठाते हुए इसे फर्जी करार दिया है। उन्होंने एनकाउंटर की जांच की मांग की है। हालांकि प्रदेश के गृहमंत्री ने एनकाउंटर मामले की जांच से इंकार किया है।
वहीं इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश सरकार और मध्य प्रदेश की पुलिस से जवाब मांगा है। मानवाधिकार आयोग ने मामले की रिपोर्ट 15 दिन के अंदर देने के लिए कहा है।












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