MP Weather News: लोकल सिस्टम से होगी झमाझम बारिश, मध्य प्रदेश के इन संभागों में भारी बारिश अलर्ट
लो प्रेशर एरिया मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से राजधानी में चल रहे बारिश के दौर में अब ब्रेक सा नजर आ रहा है। कल शाम से शहर में रिमझिम बारिश का सिलसिला बना हुआ था, लेकिन आज सुबह से ही बादल साफ नजर आ रहे हैं।
पिछले तीन दिनों से चल रहे बारिश के दौर के कारण भोपाल शहर का तापमान गिरने लगा है अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री पर दर्ज किया गया।

वहीं मध्य प्रदेश के अन्य जिलों की बात करें तो मौसम विभाग के अनुसार उज्जैन संभाग, ग्वालियर-चंबल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा ग्वालियर और उज्जैन में अति भारी बारिश होने के आसार है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक गहरा अवदाब का क्षेत्र वर्तमान में उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। दक्षिण पश्चिमी राजस्थान पर भी कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है इसलिए लोकल सिस्टम फिर अपडेट होगा।
अभी मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित
भोपाल मौसम केंद्र के सीनियर वैज्ञानिक डॉ दिव्या ई सुरेंद्रन ने जानकारी दी कि वर्तमान में मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित है, और ईस्ट-वेस्ट ट्रफ भी सक्रिय है। यह ट्रफ साउथ राजस्थान से लेकर नॉर्थ केरल तक फैली हुई है। इसके चलते भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है और एक सप्ताह तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। डॉ सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे आकाशीय बिजली गिरने या चमकने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसलिये लोगों से अपील की गई है कि वे बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
20 सालों में ये छठी सबसे अधिक हो सकती है बारिश
यदि बारिश की यह दर इसी प्रकार बनी रही, तो यह 20 वर्षों में छठी सबसे अधिक बारिश हो सकती है। मौसम डाटा एनालिस्ट एके शुक्ला के मुताबिक, 2005 से 2024 तक के वर्षों में यह छठा मौका है जब मानसून सीजन में इतनी अधिक बारिश देखी जा रही है। दो साल पहले, सीजन के दौरान 1881 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से दोगुनी थी। पिछले साल, यह बारिश घटकर 923 मिमी हो गई थी। इस बार अब तक 980.7 मिमी बारिश हो चुकी है।












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