MP Weather Alert: अगले 24 घंटे 'तूफानी', 41 जिलों में बारिश का तांडव, चित्रकूट में नाव, डैमों के खुले गेट
MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में मानसून अब मौसम नहीं, मुसीबत बन गया है। झारखंड के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र और उत्तर प्रदेश से गुजर रही द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के चलते राज्य के 41 जिलों में अगले 24 घंटे तूफानी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ये अलर्ट सिर्फ बारिश नहीं, बाढ़, जलभराव, पुल बंद, सड़कें जाम, और गांवों के टापू बनने की चेतावनी है।
चित्रकूट में नाव, रीवा में जलसैलाब
शनिवार की रात चित्रकूट में हालात ऐसे हो गए कि लोग सड़कों पर नाव चला रहे थे। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 8 फीट से ऊपर पहुंच गया और 4 से 5 फीट तक पानी बस्तियों में घुस गया। वहीं, रीवा में पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 8.12 इंच बारिश हुई। शहर के सिरमौर चौक, बिछिया, और निचले इलाकों में घरों में पानी भर गया है।

डैम खतरे के निशान पर, गेट खुले
- शहडोल के बाणसागर डैम के 7 गेट खोले गए।
- जबलपुर के बरगी डैम के 5 गेट खोले गए।
- नर्मदा, टमस और सोन नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
- जिला प्रशासन ने निचले इलाकों को खाली कराने और स्कूलों में राहत कैंप तैयार करने के आदेश दिए हैं।
कहां-कहां जारी हुआ अलर्ट?
- ऑरेंज अलर्ट (भारी से अति भारी बारिश + बिजली)
- विदिशा, गुना, राजगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़
- इन जिलों में बिजली गिरने और 100 मिमी से ज्यादा बारिश की संभावना है। खेतों में पानी भरने, सड़कें कटने और पुल डूबने के खतरे बढ़ गए हैं।
येलो अलर्ट (मध्यम से भारी बारिश)
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, नर्मदापुरम, इंदौर, सीहोर, देवास, बैतूल, धार, उज्जैन
यहां जलभराव और ट्रैफिक बाधित हो सकता है।
भोपाल की रात बारिश में डूबी
राजधानी भोपाल में शनिवार को दिनभर बादल छाए रहे और रात 10 बजे बाद झमाझम बारिश शुरू हुई। अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, भारत टॉकीज, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और कोलार रोड जलमग्न हो गए। नगर निगम ने 24x7 कंट्रोल रूम एक्टिव किया, लेकिन लोगों ने सोशल मीडिया पर 'तैरता भोपाल' ट्रेंड कर दिया।
गांवों में हालात गंभीर, खेती पर संकट
रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, पन्ना, सीधी और सिंगरौली के कई गांवों में लोग ट्रैक्टर ट्रॉली या नाव से निकल रहे हैं। खेतों में पानी भरने से धान और मूंग की फसलें डूब गई हैं। किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। किसान रामस्वरूप पटेल (रीवा) बताते हैं, "हमने तो बोआई की थी। अब खेत में मछली तैर रही है। पहले पानी को तरसते थे, अब जान बचाने की नौबत आ गई है।"
प्रशासन अलर्ट पर, लेकिन चुनौतियां ज्यादा
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटे और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। जिलों को सतर्क कर दिया गया है। NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं। शहडोल कलेक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा, "डैम से निकासी के बाद निचले गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्कूलों में राहत केंद्र शुरू हो गए हैं।"
विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद मिश्रा कहते हैं, "झारखंड की ओर बने सिस्टम का असर अब तक का सबसे तीव्र है। ट्रफ लाइन बहुत नीचे आ चुकी है, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश को ज्यादा बारिश मिल रही है। अगले दो दिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है।"
क्या करें, क्या न करें: सतर्कता ही सुरक्षा
- घर में रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें
- बच्चों को बाहर न निकलने दें
- डैम, नदी, नाले और पुलों के पास न जाएं
- मोबाइल पर सरकारी अलर्ट पर ध्यान दें
- निचले इलाकों में रहने वाले लोग पहले से ही शिफ्ट हो जाएं












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