MP Vidhansabha chunav 2023: 'आचार संहिता' बढ़ाने लगी धड़कन, अगले दो महीने छप्पर फाड़ सौगातें, जानिए तारीख
MP Vidhan sabha Chunav 2023: कोई भी चुनाव हो, आचार संहिता की सख्ती की हमेशा चर्चा रहती हैं। मध्य प्रदेश समेत चार राज्यों के विधानसभा इलेक्शन इसी साल के अंत में होना हैं। लिहाजा पब्लिक में आचार संहिता लागू होने की तारीख जानने के साथ कई सवालों की चर्चा शुरू हो गई हैं।
फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक रूप में आचार संहिता लागू होने की कोई जानकारी नहीं दी गई। लेकिन पॉलिटिकल पंडित और चुनाव के जानकार पुराने ट्रेंड के आधार पर दावा कर रहे है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में आचार संहिता लागू हो सकती हैं।
साल 2008 से 2018 के बीच हुए चुनाव के ट्रेंड पर यदि गौर करें तो 6 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के बीच आचार संहिता लागू हुई। जबलपुर के रानजीतिक विश्लेषक और जनपक्ष के प्रधान संपादक विप्लव अग्रवाल बताते है कि अनुमानित तौर पर वोटिंग और आचार संहिता लागू होने के बीच करीब डेढ़ से दो माह का अंतर रहता हैं।

मध्य प्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान का कार्यकाल 24 जनवरी 2024 को खत्म हो रहा हैं। यदि बीते तीन विधानसभा चुनाव कार्यक्रम के पन्ने पलटकर देखें तो इन आचार संहिता लागू होने, वोटिंग और काउंटिंग तारीखें कुछ इस तरह रही-
| साल | आचार संहिता लागू | मतदान | मतगणना |
| 2018 | 6 अक्टूबर | 28 नवंबर | 11 दिसंबर |
| 2013 | 4 अक्टूबर | 25 नवंबर | 8 दिसंबर |
| 2008 | 14 अक्टूबर | 27 नवंबर | 8 दिसंबर |
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर निर्धारित की है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में कभी भी चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ आचार संहिता लागू हो जाएगी। इस दौरान आम पब्लिक और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ राजनीतिक पार्टियों की गतिविधियों पर क्या फर्क पड़ेगा, यह सवाल भी लोगों के मन में उठ रहे हैं।
बचे हुए दिनों में धुआंधार घोषणाएं
राजनीति के जानकार चैतन्य भट्ट बताते है कि यदि अक्टूबर में आचार संहिता लागू होने की संभावना को देखते हुए सरकार की कोशिश होगी कि वह वोटर्स को लुभाने छप्पर फाड़ सौगातों की बरसात करें। जनता की नब्ज टटोलते हुए विपक्षी दल भी घोषणाओं की रेस में रहेंगे। एमपी में बीजेपी-कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला रहा हैं। इस बार के परिदृश्य में दोनों दलों का ज्यादा फोकस आदिवासी-ओबीसी वोट बैंक पर ज्यादा हैं।
खाते में आते रहेंगे पैसे, नहीं होंगी नई घोषणा
पूर्व केंद्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के एक मीडिया रिपोर्ट में आए बयान के मुताबिक आचार संहिता लागू होने के पूर्व स्वीकृत निर्माण-विकास कार्य, लोकहितकारी योजनाओं का लोगों को लाभ मिलता रहेगा। उन्हें नहीं रोका जा सकता हैं। लेकिन आयोग की निर्धारित गाइडलाइन के हिसाब से लोकहितकारी नए कार्य और घोषणाएं नहीं हो सकती। शिवराज सरकार के मास्टर स्ट्रोक वाली लाड़ली बहना योजना के हितग्राहियों में भी भ्रम है कि राशि खाते में नहीं आएगी। लेकिन ऐसा नहीं गया। इस योजना के अलावा अन्य योजनाओं का लाभ आचार संहिता के दौरान भी हितग्राहियों को मिलता रहेगा। हालांकि सरकार ने बेरोजगारों को सरकारी नौकरी समेत कई और बड़े ऐलान किए थे। यदि आचार संहिता से पहले उन पर अमल शुरू हो गया तो लोगों को लाभ मिलेगा, वरना इन मामलों पर चुनाव सम्पन्न होने के बाद नई सरकार ही फैसले करेगी।












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