MP News: वक्फ बिल पर गरमाई सियासत, दिग्विजय सिंह को बताया 'गद्दार', भोपाल-रतलाम में लगे विवादित पोस्टर
MP News: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देशभर में चल रही बहस अब मध्य प्रदेश की सड़कों पर पोस्टरों के जरिए उतर आई है। राज्य के दो प्रमुख शहरों - भोपाल और रतलाम - में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ विवादित पोस्टर लगाए गए हैं।
इन पोस्टरों में दिग्विजय सिंह को 'वतन और धर्म का गद्दार' बताया गया है। साथ ही, वक्फ बिल का विरोध करने को राष्ट्रद्रोह से जोड़ने की कोशिश की गई है।

रतलाम में लगे पोस्टरों पर साफ लिखा गया है -
"वक्फ बिल का विरोध करने वाले दिग्विजय सिंह, वतन और धर्म के गद्दार।" इन पर भाजपा युवा मोर्चा रतलाम का नाम भी नीचे अंकित है, जिससे राजनीतिक विवाद और गहराता जा रहा है।
दिग्विजय सिंह का विरोध या छवि पर हमला?
हाल ही में दिग्विजय सिंह ने संसद में वक्फ संशोधन विधेयक का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने इसे संविधान के अल्पसंख्यक संरक्षण प्रावधानों के विरुद्ध बताया और कहा कि सरकार का मकसद अल्पसंख्यकों के अधिकार कुचलना है।
उन्होंने कहा, "ये सरकार पिछले 11 सालों से सिर्फ हिंदू और मुसलमान कर रही है। यह विधेयक संविधान की आत्मा के खिलाफ है।" उनके इसी बयान को लेकर पोस्टरों में उन्हें राष्ट्र और धर्म का 'गद्दार' करार दिया गया है। कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश बता रही है, वहीं बीजेपी इसे दिग्विजय सिंह की खुद की साजिश करार दे रही है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा - "दिग्गी ने खुद लगवाए पोस्टर" बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने विवाद को नया मोड़ देते हुए कहा कि ये पोस्टर दिग्विजय सिंह की अपनी रणनीति का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस को डर है कि उसका मुस्लिम वोट बैंक खिसक न जाए। इसीलिए शायद पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर यह तय किया हो कि दिग्विजय सिंह के खिलाफ ऐसे पोस्टर लगवाकर उन्हें मुस्लिम समुदाय का नेता दिखाया जाए। बीजेपी को इन पोस्टरों की कोई जरूरत नहीं है।" इस बयान से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे पर सीधी टकराव की मुद्रा में नहीं है, लेकिन कांग्रेस की नीयत पर सवाल जरूर उठा रही है।
कांग्रेस का पलटवार - "संविधान की गरिमा पर हमला"
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह एक सांसद हैं, और उन्हें संसद में बोलने का अधिकार है। इस पर किसी भी तरह का मानहानिपूर्ण हमला या व्यक्तिगत टिप्पणी संविधान के मूल भाव के खिलाफ है।
पटवारी ने सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि "जहां-जहां ऐसे आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए हैं, वहां एफआईआर दर्ज कराई जाए।"उन्होंने साफ शब्दों में इसे "घृणित राजनीति और डर फैलाने की कोशिश" करार दिया।
वक्फ बिल: एक विधेयक, दो ध्रुव
- यह सारा विवाद वक्फ संशोधन विधेयक 2023 के इर्द-गिर्द घूम रहा है। मुस्लिम समुदाय के कई वर्गों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि इससे वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ेगा और समुदाय की स्वायत्तता खतरे में पड़ेगी।
- दूसरी ओर, बीजेपी इसे गरीब मुसलमानों के लिए एक ऐतिहासिक कदम बता रही है, जो वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करेगा।
- बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस विधेयक का विरोध करके वोटबैंक की राजनीति कर रही है।
पोस्टर पॉलिटिक्स: सड़कों से सोशल मीडिया तक
भोपाल और रतलाम की दीवारों से शुरू हुई यह पोस्टर पॉलिटिक्स, अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। कांग्रेस समर्थकों ने इसे दिग्विजय सिंह के खिलाफ "चरित्र हनन अभियान" बताया है, तो वहीं बीजेपी समर्थकों का दावा है कि "जो विधेयक गरीब मुसलमानों को हक दे, उसका विरोध करना गद्दारी नहीं तो क्या है?"
वक्फ बिल की बहस से निकली नई सियासी लड़ाई
- वक्फ संशोधन बिल एक कानूनी विषय है, लेकिन उसकी आड़ में मध्य प्रदेश की राजनीति का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
- दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता के खिलाफ लगे आरोप, पोस्टर और जवाबी बयानबाजी यह साफ दिखाते हैं कि राजनीति अब संसद से निकलकर पोस्टरों की भाषा में उतर आई है।
- अब देखना यह है कि कांग्रेस द्वारा दर्ज कराई जाने वाली FIR इस सियासी तूफान को शांत करती है या यह विवाद और भड़कता है।












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