MP News: रंगपंचमी पर सरकार लेगी 6 हजार करोड़ का नया कर्ज, मार्च में अब तक 16 हजार करोड़ की उधारी
मध्य प्रदेश सरकार बजट सत्र के दौरान रंगपंचमी यानी 19 मार्च को 6,000 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज तीन अलग-अलग किश्तों में 7, 21 और 24 साल की अवधि के लिए उठाया जाएगा। मार्च में सरकार के लिए यह तीसरा बड़ा कर्ज होगा, जिससे कुल उधारी 16,000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी।
लगातार कर्ज ले रही सरकार
मार्च महीने में यह तीसरी बार होगा जब सरकार कर्ज लेने जा रही है। इससे पहले 4 मार्च को 6,000 करोड़ रुपए और 12 मार्च को 4,000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा चुका है। अब 19 मार्च को सरकार फिर 6,000 करोड़ रुपए की उधारी लेगी। संभावना जताई जा रही है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में सरकार एक और कर्ज ले सकती है।

वित्त मंत्री बोले- यह कर्ज नहीं, निवेश है
सरकार के बढ़ते कर्ज पर उठते सवालों के बीच वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में कहा था कि यह कर्ज नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास में किया जाने वाला निवेश है। हालांकि, विपक्ष इसे वित्तीय संकट का संकेत बता रहा है।
जनता पर लगातार बढ़ रहा कर्ज
मध्य प्रदेश पर 31 मार्च 2024 तक कुल कर्ज 3.75 लाख करोड़ रुपए था। पिछले वित्तीय वर्ष (2023-24) में ही राज्य सरकार ने 44,000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। इससे पहले 31 मार्च 2023 तक प्रदेश पर 3.31 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। लगातार बढ़ती उधारी के कारण कर्ज का बोझ हर साल बढ़ता जा रहा है।
कब और कितने कर्ज लिए गए?
- 4 मार्च 2025: 6,000 करोड़ (तीन अलग-अलग किश्तों में)
- 12 मार्च 2025: 4,000 करोड़ (दो किश्तों में)
- 19 मार्च 2025: 6,000 करोड़ (तीन अलग-अलग किश्तों में)
सरकार द्वारा लिया जाने वाला नया कर्ज अलग-अलग वर्षों में चुकाया जाएगा:
- 19 मार्च 2032: 7 साल के कर्ज की अवधि पूरी
- 19 मार्च 2046: 21 साल के कर्ज की अवधि पूरी
- 19 मार्च 2049: 24 साल के कर्ज की अवधि पूरी
क्या होगा इस कर्ज का असर?
राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के बढ़ते कर्ज से भविष्य में ब्याज भुगतान का बोझ और बढ़ेगा। इससे सरकारी खर्चों पर दबाव पड़ सकता है और नई योजनाओं के लिए संसाधन जुटाना मुश्किल हो सकता है। विपक्ष ने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया है और इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है।
आगे और कर्ज की संभावना
सूत्रों के अनुसार, मार्च के अंतिम सप्ताह में सरकार एक और कर्ज ले सकती है। यदि ऐसा हुआ तो मार्च में कुल कर्ज 20 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। सरकार का दावा है कि यह कर्ज विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए लिया जा रहा है, लेकिन बढ़ते कर्ज से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले वर्षों में ही स्पष्ट हो सकेगा।












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