MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों की तारीख बढ़ाई, 10 जून तक होंगे ट्रांसफर
MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों की अंतिम तारीख को 30 मई से बढ़ाकर 10 जून 2025 कर दिया है। नई तबादला नीति 2025 के तहत 1 मई से शुरू हुई ट्रांसफर प्रक्रिया में अधिक आवेदनों के कारण यह फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई नीति को मंजूरी दी गई, जिसमें 10% से अधिक तबादलों के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति अनिवार्य होगी।

तबादलों की तारीख बढ़ाने का कारण
मध्य प्रदेश में लाखों सरकारी कर्मचारी और अधिकारी पिछले तीन साल से तबादला प्रतिबंध हटने का इंतजार कर रहे थे। 1 मई 2025 से 30 मई 2025 तक तबादला प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों के लिए आवेदनों की भारी संख्या के कारण सामान्य प्रशासन विभाग ने तारीख बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
सूत्रों के अनुसार, स्कूल शिक्षा, पुलिस, और आदिवासी कल्याण जैसे बड़े विभागों में आवेदनों की संख्या अनुमान से अधिक थी। कर्मचारी संगठनों की मांग थी कि परिवारिक जरूरतों, गंभीर बीमारियों, और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी आवेदनों पर विचार हो। कैबिनेट ने इसे स्वीकार करते हुए 10 जून तक ट्रांसफर प्रक्रिया को विस्तार दिया।
नई तबादला नीति 2025: प्रमुख बिंदु
10% सीमा: किसी भी विभाग में कुल कर्मचारियों के 10% से अधिक तबादले नहीं होंगे। इससे अधिक के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी।
- प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादले: गंभीर बीमारी, परिवारिक कारण, और प्रशासनिक जरूरत को प्राथमिकता। स्वैच्छिक तबादलों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन स्वीकार।
- अटैचमेंट खत्म: कोई भी कर्मचारी अटैचमेंट के आधार पर पदस्थ नहीं होगा। रेगुलर ट्रांसफर ही मान्य।
- जूनियर को सीनियर पद नहीं: खाली पद पर समकक्ष या उसी स्तर के कर्मचारी की नियुक्ति। जूनियर कर्मचारी को सीनियर पद का चार्ज नहीं।
- विशेष छूट: 40% से अधिक दिव्यांग कर्मचारियों और 1 वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों को मानवीय आधार पर छूट।
- मंत्रियों के अधिकार: विभागीय मंत्री जिला-स्तर और अंतर-जिला तबादले कर सकते हैं। गजेटेड अधिकारियों के लिए CM की मंजूरी जरूरी।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी: इनके तबादले प्रतिबंध अवधि के बाहर भी विभागीय मंत्री कर सकते हैं।
- स्कूल शिक्षा विभाग के लिए स्वैच्छिक तबादलों के आवेदन 6-16 मई तक लिए गए, और प्रशासनिक तबादले 30 मई तक निर्धारित थे। जॉइनिंग की अंतिम तारीख 1 जून थी, लेकिन अब 10 जून तक प्रक्रिया पूरी होगी।
MP government: तबादला प्रक्रिया का ढांचा
- अवधि: 1 मई 2025 से 10 जून 2025 तक।
- लक्ष्य: 60,000 से अधिक कर्मचारियों के तबादले। मध्यप्रदेश में 6 लाख 6 हजार नियमित कर्मचारी हैं, जिनमें से 10% का तबादला संभावित।
- आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन (जहां सुविधा उपलब्ध) और ऑफलाइन। मानव संपदा पोर्टल का उपयोग शिक्षा और अन्य विभागों में।
- निगरानी: सामान्य प्रशासन विभाग, कलेक्टर, संभागायुक्त, और जिला पंचायत CEO प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
- प्राथमिकता: लंबे समय से एक स्थान पर जमे कर्मचारी, गंभीर बीमारी वाले, और स्वैच्छिक आवेदक।
कर्मचारियों और संगठनों की प्रतिक्रिया
कर्मचारी संगठनों ने तारीख बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। मध्यप्रदेश कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रमेश सिंह ने कहा, "कई कर्मचारी परिवारिक और स्वास्थ्य कारणों से तबादला चाहते थे। 10 जून तक का समय राहत देगा।" शिक्षक संगठन ने स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लिए पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की।
MP government: प्रशासनिक प्रभाव और चुनौतियां
- प्रशासनिक सुधार: नई नीति से कार्यक्षमता में सुधार और प्रशासनिक स्थिरता की उम्मीद।
- चुनौतियां:
- आवेदनों की संख्या: लाखों आवेदन की स्क्रूटनी में समय लगना।
- पारदर्शिता: ऑनलाइन प्रक्रिया में तकनीकी खामियां।
- सीमित कोटा: 10% सीमा से कई कर्मचारियों को निराशा।
- बजट: तबादला प्रक्रिया से प्रशासनिक खर्च बढ़ेगा, लेकिन वित्त विभाग ने इसके लिए प्रावधान किया।












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