MP election result 2023: चुनाव के वक्त वोट शेयर परसेंट बढ़ाने किसकी थी रणनीति? जानिए
MP election result 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदाताओं में मन ही सत्ता में बड़ा उलटफेर करता आया। इस बार भी मिजाज कुछ ऐसा ही था। कई कयासों के साथ चुनाव की घड़ी करीब आई तो बूथ लेबल तक बीजेपी-कांग्रेस दोनों अपने पक्ष में माहौल बनाते नजर आए।
हालांकि इसकी तयारी काफी पहले से भी हो रही थी। बीजेपी की संभाग और जिलावार बैठकों में 51% वोट शेयर हासिल करने का टार्गेट भी दिया जाता रहा। वोटिंग हुई तो करीब डेढ़ परसेंट ही सही लेकिन पिछले चुनाव के मुकाबले मतदान में बढ़ोत्तरी देखी गई।
नतीजे आने के बाद बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि वोटिंग ट्रेंड का इस बार फायदा बीजेपी को ही क्यों हुआ? ऐसी कौन सी रणनीति थी और रणनीतिकार कौन था? जिसकी कैमिस्ट्री सूबे के माहौल को देखते हुए फिट बैठी।

पार्टी के अंदरखाने से सूत्र बताते है कि वोट शेयर परसेंट बढ़ाने की रणनीति का बड़ा हिस्सा आरएसएस रही। पिछले चुनाव में उठाए गए नुकसान को भांपते हुए इस बार आरएसएस ने बीजेपी के सामने एक बड़ी लकीर खींच दी। क्योकि संघ जानता था एमपी समेत पांच राज्यों में हुए चुनाव के गलियारे से ही 2024 का भविष्य निकलना तय हैं।
माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर देते हुए पार्टी को संघ ने अपनी स्पष्ट रणनीति जाहिर कर दी। बूथ प्रभारी और पन्ना प्रभारी पर मॉनिटरिंग का जिम्मा संघ ने भले ही पर्दे के पीछे सही, संभाला जरुर। हर फीडबैक पर नजर थी और जिन इलाकों में कम वोटिंग चल रही थी, वहां डोर-टू-डोर पहुंचकर लोगों वोटिंग के लिए प्रेरित किया गया। मतदान वाले दिन दोपहर होते ऐसे चिन्हित मतदाताओं को बूथ तक भिजवाया गया। नतीजतन वोटिंग खत्म होने कबाड़ मतदान के आंकड़े बढ़े हुए मिले। वोटर्स ये वो वर्ग रहा, जो सीधे तौर पर बीजेपी को फायदे पहुँचाने पोलिंग बूथ तक पहुंचा।
इसी का परिणाम 3 दिसंबर को आए नतीजे में दिखा। बीजेपी 160 सीटों का जादुई आंकड़ा हासिल करने में कामयाब हुई। पार्टी के सूत्र बताते है कि संघ की इस रणनीति को 2024 में भी अमल में लाया जाएगा। बूथ लेबल पर भी एक्टिव कार्यकर्त्ता इस ट्रिक को अच्छे तरह से समझ चुके हैं।












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