MP Election: चाचौड़ा विधानसभा सीट पर कांग्रेस का खेल बिगाड़ने मैदान में उतरीं IRS अधिकारी की पत्नी प्रियंका
MP Election 2023:
MP Election 2023: मध्य प्रदेश की चाचौड़ा विधानसभा सीट कांग्रेस की गढ़ मानी जाती है। लेकिन 2013 के चुनाव में भाजपा से हार का सामना करना पड़ा। साल 2018 विधानसभा के चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी ममता मीणा और कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह के बीच मुकाबले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भाई ने 9797 मतों से फिर जीत लिया। फिलहाल चाचौड़ा सीट से दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह मौजूदा विधायक हैं।
गुना जिले के अंतर्गत आने वाली इस विधानसभा सीट के राजनीतिक इतिहास की बात की जाए तो 1951 में अस्तित्व में आई इस विधानसभा सीट पर ज्यादातर कांग्रेस का ही राज रहा है। लेकिन 2013 का चुनाव भाजपा ने जीता। 2018 में फिर भाजपा को हर का सामना करना पड़ा। ऐसे में चाचौड़ा को वापस पाने के लिए भाजपा ने बड़ा दांव खेलते हुए इस सीट से दिल्ली में पदस्थ भारतीय राजस्व सेवा (IPS) के अफसर की पत्नी प्रियंका मीणा को प्रत्याशी घोषित किया है। हालांकि वह जिला पंचायत का चुनाव हार गई थीं। इसके बाद भी यहां कोई मजबूत दावेदार के अभाव में भाजपा ने प्रियंका पर भरोसा जताया।

प्रियंका मीणा ने 27 फरवरी 2023 को भाजपा की सदस्यता ली थी। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव के समक्ष भाजपा जॉइन की थी। भाजपा का दामन थामने के बाद से ही प्रियंका विधानसभा में खासी लोकप्रिय हो गईं।
प्रियंका अपने नाम के पीछे ससुराल के गांव का नाम (पेंची) लिखती हैं। उनका मुकाबला पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह से होने की संभावना है। भाजपा ने प्रियंका के चेहरे को तवज्जो देते हुए कांग्रेस को हैरानी में डाल दिया है। भाजपा नया चेहरा उतारकर प्रयोग कर रही है।
3.17 लाख जनसंख्या वाली चाचौड़ा विधानसभा सीट में 1951 में पहला विधानसभा चुनाव हुआ, जिसमें हिंदू महासभा प्रत्याशी द्वारकादास रामनारायण निर्वाचित हुए थे। अंतिम 8 विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो इस सीट पर 6 बार कांग्रेस तो 2 बार भाजपा को जीत मिली। भाजपा को 2018 में चाचौड़ा विधानसभा सीट पर भारी मतों से हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद अब एक बार फिर भाजपा ने इस सीट को वापस पाने की कवायद शुरू कर दी है।
चाचौड़ा के सियासी समीकरण की बात करें तो यहां पार्टियों की जीत-हार कास्ट फैक्टर से तय होती है। चाचौड़ा में पार्टियों की हार जीत में अहम सियासी फैक्टर मीना समाज है। दरअसल यहां 2 लाख 6 हजार मतदाताओं में से 55 हजार से अधिक मीना समाज के मतदाता हैं। कांग्रेस ने लंबे समय तक मीना कार्ड के जरिए यहां राज किया।
चाचौड़ा विधानसभा सीट से प्रियंका मीणा को बीजेपी उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि वह पार्टी की हमेशा आभारी रहेंगी। वह चुनाव में संगठन के साथ मेहनत करके चाचौड़ा सीट को भाजपा की झोली में डालेंगी।









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