नर्मदा नियंत्रण मंडल की CM मोहन यादव ने की समीक्षा, कहा- किसानों को सस्ते दामों पर मिलेगी बिजली
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत नर्मदा नियंत्रण मंडल की गतिविधियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने नर्मदा के प्रमुख घाटों पर जल प्रवाह सुनिश्चित करने तथा प्रदेश में सिंचाई साधनों के विस्तार पर जोर दिया।
सीएम यादव ने यह भी कहा कि ऐसी परियोजनाओं के लिए केन्द्र सरकार से पर्याप्त धनराशि मिलेगी। सीएम ने बताया कि जल संरक्षण कार्यों के संबंध में उनकी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और राज भूषण चौधरी से विस्तृत चर्चा हुई है।

मध्य प्रदेश के हितों के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग प्राप्त होगा। नदी जोड़ो के दो प्रमुख अभियान केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती काली सिंध परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्णायक वार्ता हुई है।
जलविद्युत विकास और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए जल विद्युत के नए स्रोत विकसित किए जाएं तथा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का भी उपयोग किया जाए। उन्होंने नर्मदा जी को कुछ देने, सार्वजनिक घाटों को स्वच्छ रखने, लोक आस्था के स्थलों को विकसित करने तथा नदी के किनारे सार्वजनिक स्थलों को आम उपयोग के लिए सुविधाजनक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं और पर्यटन विकास
सीएम यादव ने नर्मदा परिक्रमा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए शेड बनाने तथा उनके लिए सुविधाएं विकसित करने में जन अभियान परिषद और अन्य स्वैच्छिक संगठनों को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने जल क्रीड़ा गतिविधियों पर ध्यान देने, पर्यटन विकास योजनाओं को लागू करने, नर्मदा में छोटे मालवाहक जहाजों के संचालन और मत्स्य पालन की संभावनाओं को तलाशने, नर्मदा घाटी से जुड़ी जैव विविधता पर शोध करने, किसानों के बीच मोती की खेती को प्रोत्साहित करने और इन पहलों की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया।
नवीकरणीय ऊर्जा और सौर फ़्लोटिंग प्लांट
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ओंकारेश्वर जैसे स्थानों पर नवकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जाए तथा सोलर फ्लोटिंग प्लांट लगाने के लिए स्थानों की पहचान की कार्यवाही की जाए। इस क्षेत्र में इच्छुक निवेशकों को आगामी ग्लोबल समिट में आमंत्रित किया जा सकता है।
जलाशयों में जल उपलब्धता
नर्मदा के निचले इलाकों में स्थित तालाबों में जल का अधिकतम उपयोग करने के प्रयास किए जाएं, साथ ही यशवंत सागर सहित अन्य जलाशयों में जल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्मी के मौसम में संकट की स्थिति न बने। उन्होंने ने पंप स्टोरेज सिस्टम से सस्ती बिजली का उपयोग बढ़ाने, गांवों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए वाटर एंबुलेंस चलाने के लिए स्थानों की पहचान करने और निकट भविष्य में स्वीकृत परियोजनाओं का उद्घाटन करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की प्रगति प्रस्तुत की गई, जिसमें विभिन्न सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं जैसे बड़ादेव संयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना, सोंडवा उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, तथा धार उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर चर्चा की गई।












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