MP Board result 2025: 16 लाख सपनों की घड़ी आई, इस दिन शाम 5 बजे CM मोहन यादव खुद करेंगे ऐतिहासिक घोषणा
MP Board result 2025: मध्य प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए इंतजार की घड़ी अब खत्म होने जा रही है। जिन बच्चों ने दिन-रात एक करके किताबों में डूबे रहकर अपने सपनों को पंख दिए, उनकी मेहनत का हिसाब अब बोर्ड देगा। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) कल 6 मई 2025 को शाम 5 बजे 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित करने जा रहा है।
खास बात ये है कि इस बार रिजल्ट की घोषणा खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे, वो भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए। लगभग 16 लाख 60 हजार छात्र, जिनकी निगाहें अब तक सिर्फ एक तारीख पर टिकी थीं, वे अब नतीजों के इंतजार में सांसें गिन रहे हैं। कल शाम मोबाइल स्क्रीन, लैपटॉप और टीवी सेट - सबका रोमांच अपने चरम पर होगा।

परीक्षा से लेकर रिजल्ट तक, एक नजर
इस साल 10वीं की परीक्षा 27 फरवरी से 19 मार्च और 12वीं की परीक्षा 25 फरवरी से 25 मार्च के बीच संपन्न हुई थी। कुल मिलाकर
- 10वीं में 9,53,777 छात्र
- 12वीं में 7,06,475 छात्र ने किस्मत की इस सबसे अहम परीक्षा में हिस्सा लिया था।
रिजल्ट को समय पर जारी करने के लिए खुद मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को 'मई के पहले सप्ताह' की डेडलाइन दी थी। विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी और 15 अप्रैल तक 80% कॉपियों की जांच पूरी कर ली गई थी। अब रिजल्ट तैयार है और सिर्फ घोषणा बाकी है।
परीक्षाओं के बाद कॉपियों का मूल्यांकन कार्य तेजी से पूरा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई बैठक में रिजल्ट को मई के पहले हफ्ते में जारी करने के सख्त निर्देश दिए थे। उनकी इस पहल ने सुनिश्चित किया कि छात्रों को अपने परिणामों के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े। सूत्रों के मुताबिक, कॉपी जांच का 80% काम 15 अप्रैल तक पूरा हो चुका था, और अब रिजल्ट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
कैसे चेक करें रिजल्ट? आसान स्टेप्स और आधिकारिक वेबसाइट्स
मध्य प्रदेश बोर्ड के छात्र अपने रिजल्ट को आधिकारिक वेबसाइट्स-mpbse.nic.in और mpresults.nic.in-पर जाकर चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, MPBSE मोबाइल ऐप और SMS के जरिए भी रिजल्ट देखने की सुविधा उपलब्ध होगी। रिजल्ट चेक करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करें:
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: mpbse.nic.in या mpresults.nic.in पर विजिट करें।
- रिजल्ट लिंक चुनें: होमपेज पर "MP Board 10th Result 2025" या "MP Board 12th Result 2025" के लिंक पर क्लिक करें।
- विवरण दर्ज करें: रोल नंबर और आवेदन संख्या (यदि आवश्यक हो) डालें।
- सबमिट करें: "Submit" बटन पर क्लिक करें, और रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- प्रिंटआउट लें: भविष्य के लिए रिजल्ट की डिजिटल कॉपी डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें।
SMS के जरिए रिजल्ट चेक करने के लिए:
- 10वीं के लिए: MPBSE10 Roll Number टाइप करें और 56263 पर भेजें।
- 12वीं के लिए: MPBSE12 Roll Number टाइप करें और 56263 पर भेजें।
- छात्र डिजिलॉकर के जरिए भी अपनी प्रोविजनल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि, मूल मार्कशीट स्कूलों के जरिए बाद में उपलब्ध कराई जाएगी।
MP Board result 2025: पास होने के लिए जरूरी अंक और सप्लीमेंट्री परीक्षा
एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में पास होने के लिए प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक लाना जरूरी है। अगर कोई छात्र एक या दो विषयों में फेल हो जाता है, तो उसे जून-जुलाई 2025 में आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री (कंपार्टमेंट) परीक्षा देने का मौका मिलेगा। लेकिन अगर छात्र दो से ज्यादा विषयों में फेल होता है, तो उसे अगले साल फिर से पूरी परीक्षा देनी होगी।
इसके अलावा, अगर कोई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद री-चेकिंग या री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकता है। री-चेकिंग की प्रक्रिया भी MPBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
टॉपर्स और मेरिट लिस्ट, मेधावियों को मिलेगा पुरस्कार
रिजल्ट के साथ ही मध्य प्रदेश बोर्ड टॉपर्स की सूची भी जारी करेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री मोहन यादव टॉपर्स के नाम, उनके अंक और रैंक की घोषणा करेंगे। मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वाले छात्रों को राज्य सरकार की ओर से पुरस्कार और स्कॉलरशिप दी जाएगी, जो उनकी आगे की पढ़ाई में मदद करेगी।
पिछले साल (2024) 10वीं का पास प्रतिशत 58.10% और 12वीं का 64.48% रहा था। लड़कियों ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया था, और इस बार भी लड़कियों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। 12वीं में शाजापुर के जयंत यादव ने 487 अंकों के साथ टॉप किया था। इस साल टॉपर्स की सूची में कौन जगह बनाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
MP Board result 2025: रिजल्ट का महत्व, करियर की दिशा तय करेंगे नतीजे
10वीं और 12वीं के रिजल्ट छात्रों के भविष्य के लिए बेहद अहम हैं। 10वीं के छात्र अपने रिजल्ट के आधार पर 11वीं में विज्ञान, वाणिज्य या कला स्ट्रीम चुनेंगे, जबकि 12वीं के छात्र कॉलेज में स्नातक पाठ्यक्रमों, प्रतियोगी परीक्षाओं या प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए आवेदन करेंगे।
मध्य प्रदेश सरकार की "रुक जाना नहीं" योजना उन छात्रों के लिए वरदान है, जो बोर्ड परीक्षाओं में असफल हो जाते हैं। इस योजना के तहत एमपी स्टेट ओपन स्कूल (MPSOS) कंपार्टमेंट के विकल्प के अलावा पास होने का एक और मौका देता है।
MP Board result 2025: मध्य प्रदेश में बोर्ड रिजल्ट का इतिहास
मध्य प्रदेश बोर्ड का रिजल्ट हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। 2021 में कोविड-19 के कारण परीक्षाएं रद्द होने पर 10वीं का पास प्रतिशत 100% रहा था, क्योंकि आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए गए थे। लेकिन सामान्य वर्षों में पास प्रतिशत 55-65% के बीच रहता है। पिछले साल 10वीं में 58.10% और 12वीं में 64.48% छात्र पास हुए थे।
हालांकि, एमपी बोर्ड का पास प्रतिशत अन्य बोर्ड्स की तुलना में कम रहा है, जिसके लिए बोर्ड ने सख्त मूल्यांकन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। इस साल बोर्ड ने कॉपियों पर बारकोड सिस्टम और डिजिटल मूल्यांकन को और मजबूत किया है, ताकि पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे।
सीएम मोहन यादव की भूमिका: शिक्षा में सुधार की पहल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधारों की शुरुआत की है। रिजल्ट की समय पर घोषणा के लिए उनकी सक्रियता ने शिक्षा विभाग को चुस्त-दुरुस्त किया है। उन्होंने हाल ही में ट्वीट किया, "मध्य प्रदेश के मेहनती छात्र-छात्राएं हमारा भविष्य हैं। 10वीं-12वीं के रिजल्ट उनकी मेहनत का आलम होंगे। सभी को शुभकामनाएं!"
उनके नेतृत्व में बोर्ड ने डिजिटल मार्कशीट, ऑनलाइन री-चेकिंग और सप्लीमेंट्री परीक्षाओं की प्रक्रिया को और आसान बनाया है। इसके अलावा, टॉपर्स को प्रोत्साहन देने के लिए स्कॉलरशिप और पुरस्कारों की राशि में भी इजाफा किया गया है।
चुनौतियां और आलोचनाएं
हालांकि रिजल्ट की घोषणा को लेकर उत्साह है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने हैं। कई ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की खराब कनेक्टिविटी के कारण छात्रों को रिजल्ट चेक करने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा, पिछले साल कुछ छात्रों ने रिजल्ट में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी, जैसे रोल नंबर न मिलना या गलत अंक दिखना।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड को रिजल्ट के बाद काउंसलिंग और करियर गाइडेंस पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि कम अंक पाने वाले छात्र हताश न हों। भोपाल के शिक्षक रमेश शर्मा ने कहा, "रिजल्ट सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि छात्रों की मेहनत का प्रतीक है। जो फेल हों, उन्हें सप्लीमेंट्री और 'रुक जाना नहीं' जैसे अवसरों के बारे में जागरूक करना चाहिए।"












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