पाली में बंदिशों में हजारिया महादेव, साल में तीन दिन ही मिलती है पूजा की अनुमति
सागर जिले में मालथौन के पास पाली स्थित 'हजारिया महादेव' मंदिर में अद्भुत और दिव्य शिलिंग मौजूद हैं। एक साथ 1008 शिवलिंग के दर्शन और पूजन एक ही शिवलिंग में होते हैं।

'हजारिया महादेव' भगवान शिव का ऐसा अनूठा और अद्भुत मंदिर है जहां एक ही शिवलिंग में 1008 शिवलिंग के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि हजारिया महादेव का पूजन करने से 1008 शिवलिंग पूजन का फल मिलता है। यह मंदिर मप्र के सागर जिला मुख्यालय से करीब 36 किलोमीटर दूर मालथौन के पास पाली गांव में स्थित है।

महाशिवरात्रि पर आपने देश-दुनिया के छोटे-बड़े मंदिरों के बारे में पड़ और सुना होगा, लेकिन मप्र के सागर में स्थित इस अनोखे और अनूठे हजारिया महादेव मंदिर के बारे में शायद आप न जानते हों। दरअसल सागर-झांसी नेशनल हाईवे पर मालथौन के पास एक पाली गांव स्थित है। यहां पर गांव के बाहरी हिस्से में छोटी सी पहाड़ी पर 10वीं सदी में निर्मित शिल्पकला से परिपूर्ण भोलेनाथ का छोटा सा मंदिर स्थित है। यहां गर्भगृह में जो शिवलिंग स्थापित हैं वे अद्भुत हैं और उनके एक शिवलिंग पर छोटे-छोटे 1008 शिवलिंग मौजूद हैं। मान्यता है कि जो भी इन पर पूजन करता है, उसे 1008 शिवलिंग पूजन का फल मिलता है।

ताले में बंद रहते हैं भोलेनाथ, साल में तीन दिन दर्शनों की अनुमति
पाली गांव का हजारिया महादेव मंदिर भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है, मंदिर के गर्भगृह में विभाग का ताला लगा होता है। जाली के दरवाजे से गर्भगृह में प्रवेश के बिना ही बाहर से दर्शन की अनुमति दी गई है। साल में केवल तीन मौकों पर यहां श्रृद्धालुओं को अंदर जाकर पूजन की अनुमति मिलती है। इनमें महाशिवरात्रि, श्रावण सोमवार और कार्तिक पूर्णिमा के दिन गर्भगृह का ताला खोल दिया जाता है।
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आसपास बिखरी पड़ी हैं मूर्तियां
हजारिया महादेव मंदिर में वर्तमान में बड़ा चबूतरा और गर्भगृह का हिस्सा मौजूद है। मंदिर 10वीं सदी में निर्मित बताया जाता है। इसका निर्माण चंदेल शासकों के समय कराया गया था। परिसर में गर्भगृह के बाहर नंदी की प्रतिमा भी मौजूद है। आसपास परिसर में ढेरों खंडित और सुरक्षित प्रतिमाएं मौजूद हैं। इन्हें पुरात्व विभाग संरक्षित किया गया है। प्रतिमाओं में देवी-देवताओं, अप्सराओं की प्रतिमाएं शामिल हैं।












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