मध्य प्रदेश: मोहन कैबिनेट के बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर, जानिए बड़े फैसले
लोकसभा चुनाव के ऐलान से पहले सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट के कई बड़े प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिन पर मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक के दौरान मुहर लग चुकी है। इस दौरान कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की। मोहन सरकार किसानों और कर्मचारियों को लेकर भी बड़े फैसले लिए हैं।

इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी
- मध्य प्रदेश के 6 बड़े शहरों में प्रधानमंत्री ई-बस योजना शुरू की जाएगी। प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर उज्जैन जिले में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ई-बस उपलब्ध कराएगी।552 बसें 6 शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में चलाई जाएंगी।प्रस्ताव की निविदा केन्द्र सरकार जारी करेगी।
- बस डिपो के निर्माण के लिये 10 करोड़ रूपये की राशि प्रत्येक शहर को केन्द्र सरकार से प्राप्त होगी। बसों का संचालन संबंधित नगर निगम किया जाएगा। बसों में ड्राइवर एवं कन्डक्टर की सेवाएँ ऑपरेटर द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
- कैबिनेट बैठक में बाणसागर बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत बहुती नहर को माइक्रो सिंचाई परियोजना में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी । 1,146 करोड़ रुपए की इस परियोजना में 60%राशि केंद्र सरकार द्वारा व्यय की जाएगी।
- प्रदेश के टूरिस्ट प्लेस पर हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी, इसमें 20 सीटर तक विमान होंगे। मध्य प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर पर्यटन विमान सेवा शुरू की जाएगी। यानी हवाई मार्ग के जरिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों को आपस में जोड़ा जाएगा।
- अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं के शिक्षक व कर्मचारियों को एक जनवरी 2006 से छठवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया गया। इसमें शासकीय खजाने पर 53.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। इसके साथ ही बैठक में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए लिए आयोग गठित करने का निर्णय भी लिया गया।
- कैबिनेट बैठक मोहनपुरा योजना का रिवाइज एस्टीमेट और विंध्य में 663 गांवों के लिए सिंचाई योजना पर मुहर लगाई गई है।मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल की जगह नई एजेंसी बनेगी। इसी तरह एलाइन एन्ड हेल्थ केयर काउंसिल का भी गठन होगा। लैब टेक्निशियन और नर्सिंग के रजिस्ट्रेशन नई काउंसिल ही करेगी।
- सिवनी एवं बालाघाट जिले की संजय सरोवर परियोजना के विस्तारीकरण, नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए 332 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना की अवधि वर्ष 2024-25 के लिए बढ़ाई गई।












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