मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक और तगड़ा झटका, सपा के बाद अब इस पार्टी ने उतारे अपने अलग कैंडिडेट
INDIA alliance in MP election: 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को हराने के लिए बने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के नेता भले ही जीत के बड़े-बड़े दावे कर रहे हों, लेकिन फिलहाल इस गठबंधन में हर दिन एक नई दरार सामने आ रही है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार उतारे जाने के बाद अब विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' में शामिल एक और बड़े दल ने राज्य में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है।

समाजवादी पार्टी के बाद कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाने वाली ये पार्टी कोई और नहीं, बल्कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू है। वही जेडीयू, जो विपक्षी गठबंधन के लिए दलों को एकजुट करने में लगी है। जेडीयू ने मंगलवार रात को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने पांच प्रत्याशियों की पहली सूची का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही जेडीयू ने संकेत दे दिए हैं वो प्रदेश की करीब एक दर्जन सीटों पर बिना किसी गठबंधन के चुनाव मैदान में उतरेगी।
मध्य प्रदेश की किस-किस सीट पर जेडीयू ने उम्मीदवार उतारे
टेलेग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेडीयू के शीर्ष नेताओं ने बताया कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' का हिस्सा होने के नाते उन्होंने पहले कोशिश की थी, कि मध्य प्रदेश में सीट बंटवारे पर कोई बात बन पाए, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो जेडीयू को अकेले चुनाव मैदान में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। जेडीयू एमएलसी और पार्टी महासचिव अफाक अहमद खान ने लिस्ट जारी करते हुए बताया कि फिलहाल पांच सीटों- पिछोर, राजनगर, विजयराघवगढ़, थांदला और पेटलावद पर पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
'जल्द आएगी 7-8 उम्मीदवारों की एक और सूची'
अफाक अहमद खान ने कहा, 'जल्द ही जेडीयू की तरफ से दूसरी सूची का भी ऐलान किया जाएगा, जिसमें 7 से 8 नाम और शामिल हो सकते हैं। हम चाहते थे कि मध्य प्रदेश में अगर विपक्षी गठबंधन इंडिया के तहत सीटों का बंटवारा हो तो सभी के लिए अच्छा होगा, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। मध्य प्रदेश में जेडीयू पिछले कई दशक से एक्टिव है और पार्टी को जनसमर्थन भी हासिल है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की इच्छा थी कि मध्य प्रदेश में विधानसभा का चुनाव लड़ा जाए और जेडीयू ने इस अच्छा का सम्मान किया है।'
मध्य प्रदेश में कब-कब चुनाव लड़ी जेडीयू
आपको बता दें कि इससे पहले साल 2003, 2008 और 2013 में भी जेडीयू मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतर चुकी है। हालांकि 2018 में जेडीयू ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे। 2003 और 2008 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू को एक-एक सीट पर जीत मिली थी। वहीं, इस बार के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी मध्य प्रदेश में सीटों का बंटवारा ना होने पर अपना नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।












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