Sagar: साली के साथ दुष्कर्म करने वाले जीजा और उसके भाई को उम्र कैद की सजा, शादी के बाद पति को बताई थी आपबीती

Sagar News: मध्य प्रदेश की सागर जिले में नाबालिक से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। दरअसल, इस घटना ने रिश्तो को तार-तार कर दिया था। आरोपी जीजा और उसके भाई ने हैवानियत की हर पर कर दी थी।

सागर में दुष्कर्म करने वाले दो आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज में बलात्संग का अपराध सबसे जघन्य अपराधों में से एक है। एक सुरक्षित समाज तब होता है, जब वह बलात्कार मुक्त होता है। इस प्रकार की परिस्थितियों में अभियुक्तगण को युक्तियुक्त रूप से कठोर दंड से दंडित किया जाना उचित है।

Life imprisonment to two brothers-in-law who did wrong with sister-in-law in Sagar

बता दे इस प्रकरण की सुनवाई तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट 2012) नीलम शुक्ला की कोर्ट में हुई।

माता-पिता का 15 साल पहले हो गया था निधन

मामले के मीडिया प्रभारी ने बताया कि पीड़िता ने 30 दिसंबर 2022 को महिला थाने में शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उसके माता-पिता का करीब 15 साल पहले निधन हो गया था। इस कारण करीब तीन माह बाद वह और उसकी छोटी बहन उसकी बड़ी बहन के घर जाकर साथ रहने लगीं। उसका बड़ा भाई भोपाल में रहने लगा था। इसी दौरान पीड़िता के साथ 12 से 13 वर्ष की उम्र में उसके जीजा के छोटे भाई ने पहली बार गलत काम किया। कुछ दिनों बाद आरोपी जीजा ने भी उसे धमकी देकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।

इसके बाद दोनों आरोपियों ने शादी होने से पहले तक लगातार पीड़िता के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने कई बार विरोध किया, लेकिन आरोपी नहीं माने। दुष्कर्म के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई थी। गर्भवती होने पर आरोपी पीड़िता को साथ लेकर गुजरात गए। वहीं पर उसका प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद पीड़िता को राहतगढ़ लेकर आए। जहां घटना के संबंध में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण पीड़िता ने किसी को कुछ नहीं बताया।

पति को आपबीती बताने पर सामने आई थी करतूत

शादी होने पर पति को बताई आपबीती के बाद मामला सामने आया। मामले में पीड़िता की कुछ समय बाद शादी कर दी गई। शादी के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने पति को आपबीती बताई। जिसके बाद पति ने थाने पहुंचकर शिकायत की। शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच पूरी होने पर चालान कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने प्रकरण में सुनवाई शुरू की। अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेजों को कोर्ट में पेश किया।

पीड़िता और अन्य साक्षियों की गवाही ली गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की गवाही सुनी और साक्ष्यों के आधार पर मामले में फैसला सुनाया। आरोपियों को दोषी पाया गया और उन्हें आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। प्रकरण में पैरवी प्रभारी उप संचालक (अभियोजन) धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रिपा जैन ने योगदान दिया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+