Kuno National Park: अब आसमान से देखेंगे कूनो के चीते, शिकारियों पर भी रखेंगे नजर
Kuno National Park: चीता प्रोजेक्ट (Cheetah Project) के तहत कूनो में बारिश के दौरान चीतों की लोकेशन और उनकी सुरक्षा को लेकर प्रबंधन मंथन में जुटा है। इधर अब गश्ती दल ड्रोन (Drone) के माध्यम से आसमान से जंगल व पहाड़ी इलाकों पर नजर रखेंगे। यह प्रयास शिकारियों की पतासाजी और धरपकड़ के लिए किए जा रहे हैं। जब ड्रोन आसमान में होगा तो शिकारियों के साथ-साथ चीतों की लोकेशन व निगरानी भी होती रहेगी।

चीता प्रोजेक्ट के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों में से 10 चीतों को बाड़ों से आजाद कर खुले जंगल में छोड़ा गया है। हर चीते की मॉनीटरिंग के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। ये चीतों के गले में लगे सैटेलाइट कॉलर आईडी के माध्यम से उनकी निगरानी करते हैं। मॉनिटरिंग टीम इन पर सतत निगरानी कर रही है। टीम के साथ ही इनकी निगरानी में अब गश्ती दल भी सहयोगी बन गया है। क्योंकि पहाड़ी इलाके में गश्ती दल द्वारा शिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए ड्रोन से नजर रखी जा रही है। इस दौरान यह गश्ती दल चीतों में की भी निगरानी कर लेता है और उनकी जानकारी विशेषज्ञ को दे देता है।
कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन के अनुसार कूनो के जंगलों में अंदर कई बड़े-बड़े पहाड़ हैं। इस मौसम में उन पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। बारिश में टीमों की अनुपस्थिति का फायदा कोई शिकारी न उठा सकें, इसके लिए अब कूनो प्रबंधन का मैदानी अमला पैदल गश्त के साथ ही पहाड़ी इलाकों की गश्त के लिए ड्रोन कैमरे का भी उपयोग कर रहा है। ताकि हर मूवमेंट पर उसकी जानकारी की जा सके और उसी के अनुसार एक्शन किया जा सके।
बारिश में दुर्गम हो जाते हैं रास्ते, पहाड़ों पर जाना संभव नहीं
अधिकारियों के मुताबिक बारिश का सीजन शुरू हो गया है। इस सीजन में कूनो नेशनल पार्क के घने जंगल में वाहनों से भी ठीक से मॉनिटरिंग नहीं हो पाती है। ऐसे में यह ड्रोन कैमरे गश्ती दल के साथ ही पूरे क्षेत्र की निगरानी में खासे मददगार व सहयोगी साबित होंगे। इन्हें इसीलिए पार्क प्रबंधन द्वारा टीम को एक एक्सपर्ट के साथ मुहैया कराया है। इससे दोनों काम आसान हो जाएंगे। शिकारियों पर नजर भी रख सकेंगे और चीतों की लाइव लोकेशन भी मिलती रहेगी।












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