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नामीबिया का 'पवन' बनेगा Father of Kuno Cheetahs, दक्षिण अफ्रीकी 2 मादा चीता के साथ रखा

कूनो NP में 3 चीतों की मौत के बाद अब इनकी वंशवृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं। सियाया के 4 शावकों के जन्म के बाद चीता पवन को दो दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता के साथ रखा गया है। आगामी महीनों में यहां नए मेहमान जन्म ले सकते हैं।

चीतों का वंश बढ़ाने के लिए फिलहाल बाड़े में रहेगा चीता पवन

नामीबिया से चीता प्रोजेक्ट के तहत लाए गए चीतों में चीता 'पवन' (ओबान) को भविष्य में Father of Indian Cheetahs का दर्जा मिल सकता है। बार-बार कूनो से भागने के बाद अब इसे आगामी कुछ समय बड़े बाड़े में रखने और मादा चीताओं संग मेटिंग कराने का प्लान बनाया गया है। दो दक्षिण मादाओं को उसके बाड़े में रखा गया है, ताकि इनके मिलन से कूनो में जल्द नए शावकों का जन्म हो सके।

कूनो नेशनल पार्क में तीन चीतों की मौत के बाद प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए जा रहे है तो इधर प्रोजेक्ट से जुड़े आला अधिकारी अगले चरण के काम में लग गए हैं। इसमें भारत की धरती पर चीतों की मेटिंग और इनसे जन्म लेने वाले शावकों की संख्या बढ़ाना। इसके लिए पहले मादा चीता सियाया 4 शावकों को जन्म दे चुकी है। इसमें सियाया का साथी नर चीता फ्रेडी माना जाता है। अब चीता पवन को भी वापस बड़े बाड़े में रखकर दक्षिण अफ्रीका से लाई गईं दो मादा चीताओं को उसके साथ रखा गया है। अभी तक तो पार्क में सब ठीक है। इधर बड़े बाड़े में बंद अब 14 चीतों में से 5 चीतों को आगामी दिनों में फ्री रेंज में छोड़ने का प्लान बनाया जा रहा है। इसके लिए उच्च स्तर से अनुमति भी मिल गई है।

मादा चीता दक्षा के हत्यारे चीते अग्नि-वायु भी छोड़े जाएंगे
कूनो प्रबंधन द्वारा स्थानीय मीडिया को उपलब्ध कराई गई जानकारी अनुसार बीते दिनों मेटिंग के दौरान मादा चीता दक्षा पर हमला करने उसे गंभीर घायल करने व उसके हत्यारे चीते अग्नि व वायु सहित कुल 5 चीतों को कूनो के फ्री रेंज में छोड़ा जाना है। बीते दिनों चीता टास्क फोर्स की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया है। जिन चीतों को छोड़ा जाना है, उनमें चार ​दक्षिण अफ्रीकी चीते और एक नामीबियाई मादा चीता धात्री शामिल हैं।

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    चीता प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में सितंबर में नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को कूनो लाया गया। पहले इन्हें क्वारेंटीन बाड़े, बाद में बड़े बाड़े में रखा गया था। मार्च महीने में बाड़े के अंदर नामीबिया से आई मादा चीता साशा की मौत किडनी इंफेक्शन की वजह से हो गई थी। पिछले महीने नर चीता उदय और मंगलवार को नामीबिया से लाई गई मादा चीता दक्षा ने दम तोड़ दिया। इस लिहाज से अब कुल 17 चीते व 4 सियाया के शावक पार्क में मौजूद हैं।

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