MP News: कैलाश विजयवर्गीय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, उद्योग नीति पर दिया बड़ा बयान
MP News: मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट के दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश की प्रगति और राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान कई समसामयिक विषयों पर भी चर्चा हुई, जिसमें मध्य प्रदेश की विकास दर और संभावनाओं के बारे में गृह मंत्री से विचार-विमर्श किया गया।
कैलाश विजयवर्गीय ने इस बैठक के माध्यम से केंद्र सरकार से राज्य की प्रगति को लेकर जरूरी मार्गदर्शन प्राप्त किया और प्रदेश के विकास में केंद्रीय सहायता के लिए समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया।

सीआईआई मप्र ने आयोजित किया सीएक्सओ कॉन्क्लेव 2024
इसके बाद, बुधवार को राजधानी भोपाल में सीआईआई मप्र (कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज़ मध्य प्रदेश) द्वारा सीएक्सओ कॉन्क्लेव 2024 का आयोजन किया गया। इस आयोजन में राज्य सरकार के आला अफसरों, उद्योग प्रतिनिधियों और अर्बन प्लानर्स ने मप्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण चर्चाएं कीं और राज्य को एक बेहतर और समृद्ध भविष्य की दिशा में ले जाने के लिए खाका तैयार किया।
सीएक्सओ कॉन्क्लेव 2024 के आयोजन के बाद सभी चर्चाओं के बिंदु सरकार को भेजे जाएंगे, ताकि विकास के इस दृष्टिकोण को कार्यान्वित किया जा सके। हालांकि, नगरीय आवास और विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस कार्यक्रम में शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हो सके, क्योंकि वे दिल्ली में थे। लेकिन, उन्होंने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया।
विकास के लिए उद्योगों, सरकार और समाज का योगदान
कैलाश विजयवर्गीय ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि मध्य प्रदेश के विकास में उद्योगों, सरकार और सभी वर्गों का मिलाजुला योगदान है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए खुले दिमाग से काम कर रही है और अगर उद्योगों को किसी नीति में बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है, तो सरकार इसके लिए तैयार है। विजयवर्गीय ने यह स्पष्ट किया कि बिल्डिंग परमिशन पालिसी में सुधार हो रहा है, और राज्य सरकार महाराष्ट्र से भी बेहतर नीति पर काम कर रही है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन का समावेशी विकास पर जोर
इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी बड़ी कंपनियों द्वारा मोनोपॉली जमाने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास के लिए यह जरूरी है कि सभी वर्गों और क्षेत्रों को समान अवसर मिलें। मुख्य सचिव ने यह कहा कि समावेशी विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति और संस्था को समान रूप से विकास की प्रक्रिया में भागीदार बनाया जाए।
यह आयोजन मध्य प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें उद्योग, सरकार और अन्य पक्षों के बीच एक साझा दृष्टिकोण और योजनाएं तैयार की गई हैं। इस तरह के संवाद से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि यह प्रदेशवासियों के जीवनस्तर को भी सुधारने में मदद करेगा।












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