MP News: सिंधिया ने कोलारस-नरवर के बाढ़ पीड़ितों से की फोन पर बात, बोले- “चिंता मत करें, सरकार और मैं आपके साथ
Jyotiraditya Scindia News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में भारी बारिश और बाढ़ ने कोलारस, नरवर, शिवपुरी, और गुना जैसे क्षेत्रों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस संकट की घड़ी में केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सक्रियता दिखाते हुए बाढ़ पीड़ितों से सीधा संवाद किया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
31 जुलाई 2025 को उन्होंने शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा के पचावली गांव के प्रभावित परिवारों से फोन पर बात की और नरवर में राहत शिविर का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना। सिंधिया ने कहा, "आप मेरे परिवार के सदस्य हैं, आपकी रक्षा मेरा दायित्व है।" उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से त्वरित राहत कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।

बाढ़ की स्थिति: कोलारस, नरवर, और शिवपुरी में हालात
जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की भारी बारिश ने ग्वालियर-चंबल अंचल में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। शिवपुरी जिले के कोलारस, नरवर, और आसपास के क्षेत्रों में सिंध नदी और अन्य नदियों में उफान के कारण कई गांव जलमग्न हो गए।
शिवपुरी जिले के इंदार, जरमाई, सजाई, सागौली, सूडापुरा, और गुरुवार खुर्द जैसे गांवों में बाढ़ ने तबाही मचाई। कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी के निर्देशन में जिला प्रशासन ने 20 लोगों को इंदार और जरमाई से सुरक्षित निकाला, जबकि कोलारस और नरवर में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारी बारिश के कारण स्कूलों में 30 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया।
सिंधिया का सक्रिय रुख: फोन पर संवाद और राहत शिविर का दौरा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की सतत निगरानी की। 31 जुलाई 2025 को उन्होंने कोलारस विधानसभा के पचावली गांव के पीड़ितों से फोन पर बात की। @JM_Scindia ने X पर पोस्ट किया, "आज शिवपुरी ज़िले की कोलारस विधानसभा के पचावली गांव में अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से फ़ोन पर बातचीत कर वहां के हालातों की पूरी जानकारी ली। प्रशासन को तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।"
सिंधिया ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया, "चिंता मत करें, संकट की इस घड़ी में सरकार और मैं आपके साथ खड़े हैं। आप मेरे परिवार के सदस्य हैं, और आपकी रक्षा मेरा दायित्व है।" उन्होंने प्रशासन को भोजन, पेयजल, दवाएं, और अन्य आवश्यक सामग्री तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, सिंधिया ने नरवर नगर परिषद क्षेत्र में स्थापित राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने वहां रह रहे प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं, और शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा, "प्रत्येक पीड़ित को भोजन, पानी, दवा, और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार और प्रशासन पूरी तरह आपके साथ है।"
राहत और बचाव कार्य: सेना, NDRF, और SDRF की भूमिका
सिंधिया ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को तैनात करने के निर्देश दिए।
शिवपुरी जिले में SDRF और होमगार्ड की टीमें बदरवास, कोलारस, और नरवर में सक्रिय हैं। कोलारस के सजाई गांव और नरवर के सागौली और सूडापुरा में रेस्क्यू कार्य पूरे किए गए, जबकि बदरवास के गुरुवार खुर्द में छह बच्चों, दो महिलाओं, और एक पुरुष को सुरक्षित निकाला गया। कलेक्टरों को नाव, हेलीकॉप्टर, लाइफ जैकेट, और प्राथमिक उपचार किट जैसी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय
सिंधिया ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। X पर @Officejmscindia ने 29 जुलाई 2025 को पोस्ट किया कि सिंधिया ने सभी जिलाधिकारियों को सुरक्षा, भोजन, पेयजल, और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा की और कहा, "जान-माल की हानि न हो, इसके लिए पुख्ता सूचना तंत्र और राहत शिविरों की व्यवस्था की जाए।" उन्होंने सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को राहत कार्यों में शामिल करने का आह्वान किया। भोपाल में NDRF की दो टीमें तैनात की गई हैं, जबकि ग्वालियर, जबलपुर, और धार में एक-एक टीम मौजूद है।
एक घटना ने खींचा ध्यान: कोलारस में स्कूल बस हादसा
हालांकि, कोलारस में एक घटना ने सिंधिया की सक्रियता पर सवाल उठाए। 30 जुलाई 2025 को रुब्रिक हाई स्कूल, खतौरा की बस, जिसमें 30 बच्चे सवार थे, बाढ़ग्रस्त रपटे पर बह गई थी। ग्रामीणों ने पेड़ों की मदद से बच्चों को सुरक्षित निकाला।












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