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गुना हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी : जानिए क्यों मारे गए थे काले हिरण-मोर? चौंकाने वाली है असली वजह

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गुना, 14 मई। मध्य प्रदेश के गुना के आरोन पुलिस थाना इलाके में काले हिरण व मोर का शिकार करने वालों ने शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे गोली मारकर मध्य प्रदेश पुलिस के तीन जवानों की हत्या कर दी। मृतकों में सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव, हवलदार संतराम मीना और आरक्षक नीरज भार्गव शामिल थे।

तीन पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या

तीन पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या

शिकारियों द्वारा मध्य प्रदेश के तीन पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खुलासा ये है कि काले हिरणों व मोर का शिकार शादी समारोह में दावत के लिए किया गया था।खबर है कि मध्य प्रदेश के एक बदमाश की बेटी की शादी थी। उसमें मेहमानों को काले हिरण और मोर मांस परोसा जाने वाला था, जिसके लिए उसने साथी शिकारियों से आरोन थाना इलाके के जंगलों में काले हिरणों व मोर का शिकार करवाया था।

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     रात करीब साढ़े 12 बजे नाकाबंदी की गई

    रात करीब साढ़े 12 बजे नाकाबंदी की गई

    शुक्रवार देर रात आरोन थाना पुलिस को शिकार की इत्तला मिली। इस पर रात करीब साढ़े 12 बजे नाकाबंदी की गई। एसआई राजकुमार जाटव , हवलदार संतराम मीना, आरक्षक नीरज भार्गव व चालक मौके पर थे। तब पुलिस ने देखा कि चार मोटरसाइकिलों पर सात-आठ शिकारी जा रहे थे।

    अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी

    अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी

    मध्य प्रदेश के इन बहादुर पुलिसकर्मियों ने शिकारियों की घेराबंदी की तो आरोपियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मुठभेड़ के बाद शिकारी वहां से अपने घायल साथी को लेकर गए। जाते समय पुलिस की इंसास राइफल भी लूट ली।

    आरोपी के घर से लाश बरामद हुई

    बाद में पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटना के थोड़ी देर बाद ही शिकारियों के गांव बिदोलिया को घेर लिया। गांव और जंगल में कई जगहों पर दबिश दी गई। इस दौरान एक आरोपी के घर से लाश बरामद हुई, जो आरोपी एक शिकारी के छोटे भाई नौशाद की थी।

    फायरिंग वन विभाग के कर्मचारी समझकर की

    खबर है कि शिकारियों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग वन विभाग के कर्मचारी समझकर की थी। पुलिस को घटनास्थल पर चार काले हिरणों के कटे हुए सिर और एक मोर का शव मिला। पशु चिकित्सकों से उनका पोस्टमार्टम करवाया गया। वहीं, नौशाद का शव भी पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

    गुना हत्याकांड में मध्य प्रदेश पुलिस ने सात आरोपियों पर धारा 302, 307 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर आईजी अनिल शर्मा को तत्काल हटा दिया।

    अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी, जो इतिहास में उदाहरण बनेगी

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट में लिखा कि 'गुना में शिकारियों का मुकाबला करते हुए हमारे पुलिस के जवानों ने शहादत दी है। अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी, जो इतिहास में उदाहरण बनेगी। अपराधियों की लगभग पहचान हो गई। जांच चल रही है। पुलिस फोर्स को भेजा गया है। अपराधी किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे। सरकार ने मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ देने की घोषणा की है'

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    English summary
    Inside story of Madhya Pradesh's Guna Firing, know why blackbucks were hunted in Aaron
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