Sonia Meena: जज का आदेश नहीं मानने वाली IAS, खनन माफियाओं के लिए हैं खौफ का दूसरा नाम
Who is IAS Sonia Meena: खनन माफियाओं के लिए खौफ का दूसरा नाम 'IAS सोनिया मीणा' एक बार फिर सुर्खियों पर हैं। इस बार सोनिया पर जबलपुर हाई कोर्ट के जज के आदेशों को नहीं मानने का आरोप लगा है। कोर्ट ने नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि उन पर कार्रवाई करें। साथ ही जज ने 30 अगस्त तक कार्रवाई की रिपोर्ट हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को सौंपने का आदेश भी दिया है।
दरअसल, हाईकोर्ट में जमीन से जुड़े मामले की सुनवाई चल रही थी। जज जीएस अहलूवालिया ने सुनवाई के दौरान नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। लेकिन, मीणा ने अपनी जगह जूनियर अफसर को पेशी में भेज दिया। इससे नाराज हाईकोर्ट के जज ने एडीएम को जमकर लताड़ लगाई। आइए आपको रूबरू कराते हैं IAS मीणा से ...

IAS पिता की तरह बेटी बनी IAS
सोनिया मीणा साल 2013 बैच की IAS अफसर हैं। राजस्थान की रहने वाली मीणा को यूपीएससी के बाद मध्य प्रदेश कैडर मिला। इनका सिलेक्शन जर्नल कैटेगरी में हुआ था। इनकी ऑल इंडिया रैंक 36 थी। सोनिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान से प्राप्त की और बाद में सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं। उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बीए ऑनर्स किया। बाद में जेएनयू से मास्टर्स किया। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से UPSC परीक्षा पास की। इनके पिता टीकाराम मीणा भी एक आईएएस अफसर हैं। टीकाराम 1988 केरल कैडर में शामिल हुए थे।

सोशल मीडिया पर सक्रियता
IAS सोनिया मीणा सोशल मीडिया इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर भी काफी सक्रिय हैं। इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर उनके कार्यों और विचारों के बारे में जानकारी मिलती है। वे प्रशासनिक कार्यों और अन्य सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार साझा करती हैं।

कैसी है निजी जिंदगी?
IAS सोनिया मीणा अपनी निजी जिंदगी में काफी साधारण और जमीन से जुड़ी हुई हैं। वे अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए जानी जाती हैं। अपने परिवार और करियर के बीच एक संतुलन बनाकर चलने वाली सोनिया मीणा अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना पसंद करती हैं।
खनन माफियाओं के लिए डर का दूसरा नाम
आईएएस सोनिया मीणा ने अपने तेज से तर्रार तेवरों के लिए जानी जाती हैं। जिसके कारण उनकी एमपी के प्रशासन में अलग ही पहचान है। सोनिया छतरपुर में एसडीएम रहने के दौरान खनन माफियाओं से भिड़ गई थीं। साल 2017 में सोनिया मीणा ने खनन माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। जिसके कारण माफियाओं की नाक पर दम मच गया था। खनन माफियाओं ने मीणा को धमकाने की भी कोशिश की, लेकिन उनके कदम नहीं डगमगाए।
सोशल मीडिया
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कौन हैं जज जी एस अहलूवालिया?
20 फरवरी 1966 को जन्मे न्यायमूर्ति गुरपाल सिंह अहलूवालिया बीए, एलएलएम हैं। 4 जुलाई 1988 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए। भारत के सर्वोच्च न्यायालय, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, मुंबई उच्च न्यायालय, गुजरात उच्च न्यायालय, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण, ऋण वसूली न्यायाधिकरण, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण, राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण में पेश हुए।
उप-सरकारी अधिवक्ता, सरकारी अधिवक्ता और उप-महाधिवक्ता के रूप में काम किया। लोकायुक्त/एसपीई के लिए स्थायी वकील, सीआईडी, नागपुर के लिए विशेष लोक अभियोजक रहे। सिविल, आपराधिक, संवैधानिक और सेवा मामलों में वकालत की। विभिन्न आपराधिक मुकदमों का भी संचालन किया। आईएलआर एमपी सीरीज के मुख्य संपादक के रूप में भी काम किया।13 अक्टूबर 2016 को अतिरिक्त न्यायाधीश और 17 मार्च 2018 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए गए।












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