OPINION: बरसों का इंतजार पूरा, हुकुमचंद मिल के मजदूरों को CM मोहन यादव ने दिलाया अधिकार
प्रदेश की मोहन यादव सरकार लगातार अलग-अलग मुद्दों पर एक्टिव नजर आ रही है। यही कारण है कि बड़े से बड़े मुद्दों को मोहन यादव सरकार चुटकियों में सुलझा रही है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बंद पड़ी हुकुमचंद मिल के मजदूरों के लिए भी मोहन यादव सरकार अपने साथ खुशियां लेकर आई, जहां CM मोहन यादव ने मजदूरों को भुगतान के लिए 464 करोड रुपए की राशि मंजूर की है।
हुकुमचंद मिल मजदूर कई सालों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे, जहां मोहन यादव सरकार ने मजदूरों को उनका हक और अधिकार दिलवाया है। वहीं इसके बाद अब हुकुमचंद मिल मजदूर मोहन यादव सरकार के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर कर रहे हैं। साथ ही वह सरकार का आभार भी जता रहे हैं।

कुछ ऐसा है मामला
हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में नगरी प्रशासन विभाग के बैठक ली थी, जिसमें उन्होंने फैसला लिया कि, इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को उनका बकाया पैसा लौटा दिया जाएगा। वहीं इसके लिए सीएम मोहन यादव ने फाइल पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इसके बाद अब मजदूरों के भुगतान के लिए 464 करोड रुपए की राशि को मंजूरी दे दी गई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो यह हुकुमचंद मिल के मजदूरों के लिए सबसे बड़ी खुशी है, क्योंकि पिछले कई सालों से इसके लिए संघर्ष करते आ रहे थे। वहीं इसके बाद अब हुकुमचंद मिल मजदूरों ने CM मोहन यादव का आभार जताया है।
मजदूरों ने दिया धन्यवाद
हुकुमचंद मिल मजदूर पिछले कई सालों से अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे थे, जहां वे इसके लिए लगातार संघर्ष करते हुए प्रदर्शन भी कर रहे थे। वहीं अब इन मिल मजदूरों की आवाज सरकार ने सुन ली है, जहां मोहन यादव सरकार ने आते ही सबसे पहला फैसला हुकुमचंद मिल मजदूरों के हक में लिया है। वहीं इसके बाद अब मिल मजदूरों का मानना है कि, मोहन यादव सरकार मजदूरों के हक और अधिकार के आवाज लगातार उठाती रहेगी। साथ ही उन्होंने मोहन यादव सरकार का आभार जताते हुए सरकार को इस तरह के फैसले लेने के लिए धन्यवाद दिया है।
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