Ujjain में रात रुकेंगे CM मोहन यादव, नेता नहीं बेटा बनकर तोड़ेंगे मिथक
Mohan Yadav मुख्यमंत्री बनने के बाद अब गृह नगर उज्जैन आए हैं, जहां समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने मोहन यादव का जमकर स्वागत किया है। इधर, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उज्जैन में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन में ही रात रुकेंगे, जहां वे अपने पैतृक निवास पर रात रुक सकते हैं।
धार्मिक नगरी उज्जैन में ऐसी मान्यता है की कोई भी राजा यहां रात नहीं रुक सकता, क्योंकि यहां सिर्फ और सिर्फ महाकाल ही राजा हैं। ऐसे में अब उज्जैन दौरे पर आए प्रदेश के नए मुखिया डॉ. मोहन यादव उज्जैन में रात रुकेंगे।

कुछ ऐसी है मान्यता
धार्मिक नगरी उज्जैन में यह परंपरा बेहद प्राचीन है, जिसमें यह मान्यता है की एक समय में अवंतिका नगरी राजा विक्रमादित्य की राजधानी हुआ करती थी। वहीं राजा भोज के समय से ही उज्जैन में कोई राजा रात में नहीं रुकता था, तभी से इस परंपरा का पालन होता आ रहा है। वहीं यदि कोई राजा या मुख्यमंत्री महाकाल नगरी उज्जैन में रात रुकता है, तो उसे अपने पद से हाथ धोना पड़ता है।
कई नेताओं की गई सरकार
जानकर बताते हैं की, पूर्व प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई एक रात उज्जैन में ठहरे थे। लेकिन अगले ही दिन उनकी सरकार गिर गई थी। वहीं एक उदाहरण के अंतर्गत बताया जाता है की, कर्नाटक के मुख्मंत्री येदियुरप्पा भी उज्जैन में रात में ठहरे थे, जिसके बाद महज कुछ ही दिनों में उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
बेटा बनकर आएं तो रुक सकते हैं रात
महेश पुजारी बताते हैं कि, यदि पारिवारिक दृष्टि से इस भूमि के पुत्र के नाते या महाकाल के सेवक के नाते इस पृथ्वी पर उन्होंने जन्म लिया है, इसलिए वह महाकाल के पुत्र भी हैं, तो वह पुत्र के नाते इस महाकाल नगरी के नागरिक के नाते वह यदि पारिवारिक दृष्टि से कोई कार्य में आकर अपने पैतृक निवास या अपने निवास पर रुकते हैं, तो मैं ऐसा मानता हूं कि, महाकाल की कृपा उन पर होगी, और जो परंपरा है, उसे तोड़ने वाली व्यवस्था नहीं मानी जाएगी, उस परंपरा का पालन होगा। इसलिए वह यहां के पुत्र के रूप में रहेंगे उन पर महाकाल की कृपा रहेगी।
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