हिजाब विवाद: बुलडोजर वापस लौटा, हथौड़े से तोड़ रहे गंगा-जमना की अवैध इमारत
मप्र में हिजाब विवाद व जांच के दौरान दमोह की गंगा-जमना स्कूल के अवैध हिस्से को ढहाने के लिए बुलडोजर लगा दिया। हालांकि विरोध के चलते बुलडोजर वापस लौट गया। मजदूर छत पर हथौड़े से ही बिल्डिंग तोड़ने में जुटे हैं। इधर मामले में स्कूल पक्ष की याचिका के बाद दमोह कलेक्टर और एसपी को कोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देना पड़ा।
मप्र के दमोह स्थित गंगा-जमना स्कूल हिजाब विवाद को लेकर चर्चाओं में बनी है। इधर सीएम के निर्देश के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। वहीं नगर पालिका ने स्कूल के अवैध हिस्से को ढहाने का काम प्रारंभ कर दिया है। मंगलवार-बुधवार को कार्रवाई जारी थी। गृहमंत्री के बयान के बाद नगर पालिका बुलडोजर लेकर पहुंचा था, लेकिन विरोध के उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सका। इधर करीब 4 दर्जन मजदूरों को स्कूल के अवैध हिस्से को ढहाने के लिए लगा दिया है जो हथौड़े से स्कूल भवन को तोड़ रहे हैं।

अभिभावक चिंता न करें, स्कूल की मान्यता खत्म नहीं हुई
इधर स्कूल में पढ़ने वाले करीब 1200 से अधिक बच्चों के माता-पिता परेशान हैं। स्कूल भवन टूट रहा है, मान्यता निलंबित है, ऐसे में बच्चों का क्या होगा? इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने स्पष्ट किया है कि बच्चों का भविष्य खराब नहीं होगा। वैसे स्कूल की मान्यता अभी समाप्त नहीं हुई है, नोटिस दिया है। यदि मान्यता जाती है तो बच्चों को अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा।
राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संस्था लिप्त मिली तो केस छोड़ देंगे
इधर गंगा जमना स्कूल प्रबंधन की तरफ से जिला कोर्ट में याचिका दाखिल कर कलेक्टर मयंक अग्रवाल और एसपी राकेश कुमार सिंह व थाना प्रभारी विजय सिंह राजपूत को कोर्ट में पेश होना पड़ा था। पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं पर आरोप लगे तो अधिवक्त गजेंद्र चौबे और अनुनय श्रीवास्तव ने मीडिया के सामने आकर स्पष्ट किया कि देश विरोधी गतिविधियां मिली तो सबसे केस छोड़ने वालों में हम शामिल होंगे। जब तक राष्ट्र विरोधी गतिविधियों सामने नहीं आती तब तक अधिवक्ता के नाते केस लड़ना, पैरवी करना हमारा काम है।












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