MP News: हरियाणा पुलिस ने ATS टीम पर दर्ज किया हत्या का केस, ADG देशमुख ने सभी नौ सदस्यों को किया सस्पेंड
MP ATS News: हरियाणा के सोहना इलाके में एक होटल की तीसरी मंजिल से गिरकर बिहार के युवक हिमांशु (23) की मौत हो गई, और अब इस मामले ने मध्य प्रदेश एटीएस की परेशानी बढ़ा दी है।
हिमांशु, जो मप्र टेरर फंडिंग और साइबर क्राइम से जुड़े छह आरोपियों में से एक था, की मौत पर हरियाणा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

हिमांशु के चाचा चंदन कुमार ने सोहना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने मप्र एटीएस पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हिमांशु और उसके साथियों को होटल में रखा गया था, और फिर एटीएस ने उसे तीसरी मंजिल से फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। चंदन कुमार के मुताबिक, एटीएस के पास हिमांशु को हिरासत में लेने के लिए कोई वारंट भी नहीं था
हरियाणा के गुरुग्राम में एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में मध्यप्रदेश एटीएस (एंटी टेररिज़म स्क्वॉड) के खिलाफ गंभीर आरोप लगने के बाद एडीजी इंटेलिजेंस योगेश देशमुख ने कार्रवाई की है। उन्होंने एटीएस टीम के नौ सदस्यों को सस्पेंड कर दिया है। इन सस्पेंड किए गए अधिकारियों में एक इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और आरक्षक शामिल हैं।

मप्र एटीएस का बयान
मध्य प्रदेश एटीएस ने दावा किया है कि हिमांशु बाथरूम जाने के बहाने गैलरी में आया और वहां से नीचे के बिजली केबल के सहारे भागने की कोशिश की। एटीएस के अनुसार, हिमांशु के हाथ से केबल फिसल गया और वह गिरकर घायल हो गया। हालांकि, एटीएस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की जांच और सस्पेंड किए गए अधिकारी: इस मामले में हरियाणा पुलिस ने ज्यूडिशियल जांच शुरू कर दी है। सोहना पुलिस सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता चल सके। इस बीच, एडीजी इंटेलिजेंस योगेश देशमुख ने मप्र एटीएस टीम के नौ सदस्यों को सस्पेंड कर दिया है, जिनमें एक इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और आरक्षक शामिल हैं।
आगे की कार्रवाई
हरियाणा पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हिमांशु की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है। हिमांशु के परिजनों का आरोप है कि एटीएस ने जानबूझकर उसे मारा, जबकि एटीएस ने इसे एक दुर्घटना बताया है। मामले की जांच अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत जारी है, और हरियाणा पुलिस जल्द ही इसके सही कारणों का पता लगाने की कोशिश करेगी।
एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, हिमांशु और एक अन्य आरोपी इस पूरे नेटवर्क के मुख्य जिम्मेदार थे, जबकि चार अन्य आरोपी उनके सहयोगी थे। यह भी कहा जा रहा है कि जांच के दौरान एटीएस और मप्र साइबर सेल की टीमें इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं।
साइबर क्राइम और टेरर लिंक की जांच
इस समय यह जांच भी की जा रही है कि क्या इन आरोपियों का कोई टेरर लिंक है या नहीं। साइबर अपराधों के अलावा, मप्र एटीएस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों के कनेक्शन आतंकवादी गतिविधियों से तो नहीं जुड़े थे। यह भी पता किया जा रहा है कि बरामद किए गए उपकरणों में क्या कोई संदिग्ध या खतरनाक सामग्री मिलती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
टीम की सक्रियता
मप्र एटीएस की इस जाँच प्रक्रिया को बहुत संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यह एक जटिल साइबर क्राइम और संभवत: आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ा मामला हो सकता है। एटीएस की साइबर सेल इस मामले में अपनी पूरी सक्रियता से जांच कर रही है और भविष्य में और भी गिरफ्तारी हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications