MP news: फर्जी सॉल्वर, बदला आधार और डबल थंब इम्प्रेशन, MP आरक्षक भर्ती में हाईटेक ठगी का पर्दाफाश
Gwalior News: मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती होने की चाह में मुरैना के एक युवक ने फर्जीवाड़े की ऐसी चाल चली, जो साइबर और बायोमैट्रिक तकनीक की सीमाएं तक लांघ गई।
ग्वालियर में हुई आरक्षक जीडी भर्ती परीक्षा-2023 में अतेन्द्र सिंह राणा नामक युवक ने अपने स्थान पर सॉल्वर से परीक्षा दिलवाई, वह भी आधार कार्ड में फोटो बदलवा कर! अब यह पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अतेन्द्र की तलाश जारी है।

कैसे रची गई हाईटेक साजिश?
- इस परीक्षा में धांधली की पटकथा बहुत सोच-समझकर लिखी गई थी। आरोपी अतेन्द्र राणा ने:
- परीक्षा से पहले आधार कार्ड अपडेट कराया। उसमें अपनी जगह सॉल्वर (नकली परीक्षार्थी) का फोटो चस्पा कराया।
- परीक्षा 8 सितंबर 2023 को हुई। अगले ही दिन, यानी 9 सितंबर को उसने फिर से आधार अपडेट कर अपना असली फोटो डलवा लिया।
- ताकि बायोमैट्रिक डिवाइस में पहचान न हो सके, डबल थंब इम्प्रेशन दिए गए जिससे इम्प्रेशन बिगड़ जाए और पकड़ा न जाए।
जांच में कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
- जब ज्वाइनिंग से पहले दस्तावेजों का सत्यापन शुरू हुआ, तब बायोमेट्रिक जांच में डबल थंब इम्प्रेशन और फोटो मिसमैच सामने आया।
- मुख्यालय के आदेश पर बनी जांच कमेटी ने जब आधार की हिस्ट्री रिपोर्ट निकाली तो पता चला कि अतेन्द्र ने परीक्षा से ठीक पहले और ठीक बाद में आधार अपडेट कराया था।
- दोनों बार के फोटो अलग थे। यहीं से फर्जीवाड़े की गंध आने लगी।
Gwalior investigation: पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएएफ की 13वीं बटालियन के उप निरीक्षक हरिओम सिंह ने माधौगंज थाने में रिपोर्ट सौंपी।
अब पुलिस ने अतेन्द्र सिंह राणा निवासी कुतघान-देवपुर, सबलगढ़ (मुरैना) पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
एएसपी निरंजन शर्मा ने पुष्टि की है: "एक चयनित अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक डिटेल में गड़बड़ी पाई गई थी। माधौगंज थाना में मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है।"
- परीक्षा से नौकरी तक पहुंचने वाला जाल
- परीक्षा तिथि: 8 सितंबर 2023
- नाम: अतेन्द्र सिंह राणा
- निवासी: कुतघान-देवपुर, सबलगढ़, मुरैना
- फर्जीवाड़ा: सॉल्वर से परीक्षा, फोटो बदलवाया, बायोमैट्रिक से छेड़छाड़
- मामला दर्ज: माधौगंज थाना, ग्वालियर
Gwalior investigation: धारा: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देना, सरकारी प्रक्रिया में धोखाधड़ी
यह केस सिर्फ एक अभ्यर्थी तक सीमित नहीं है। यह परीक्षा प्रणाली की जांच व्यवस्था और आधार कार्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। क्योंकि एक व्यक्ति ने बार-बार आधार अपडेट कर फर्जी पहचान के साथ परीक्षा दे दी और भर्ती प्रक्रिया में आगे भी बढ़ गया। अब यह देखना बाकी है कि इस मामले में सॉल्वर कौन था, किसने मदद की, और आधार अपडेट में किन एजेंसियों की भूमिका रही?












Click it and Unblock the Notifications