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गलवान में शहीद हो गया था 'रीवा का लाल', अब जवान की पत्नी बनेगी इंडियन आर्मी की ऑफिसर

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नई दिल्ली, 08 फरवरी: गलवान घाटी में 2020 में चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए जान गंवाने वाले शहीद दीपक सिंह की पत्नी रेखा सिंह के जज्बे को हर कोई सलाम कर रहा है। रीवा की रहने वाले शहीद दीपक सिंह की पत्नी रेखा सिंह ने अपने पति के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है। रेखा देवी जल्द ही भारतीय सेना में शामिल होंगी। रेखा देवी ने सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) टेस्ट क्लीयर कर लिया है। उन्हें ट्रेनिंग के लिए चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में भेजा जाएगा।

रेखा मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली हैं

रेखा मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली हैं

बिहार रेजिमेंट की 16वीं बटालियन के नायक दीपक सिंह 15 जून, 2020 को चीनी सैनिकों से लड़ते हुए गलवान घाटी में दीपक शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति ने उन्‍हें यह सम्‍मान दिया था। रेखा ने अपने पति का सम्मान ग्रहण किया था। रेखा मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली हैं। रेखा देश की उन महिलाओं में शामिल हो जाएगी। जिन्होंने अपने पति के निधन के बाद सेना को ज्वाइन किया।

रेखा ने क्लियर किया 5 दिनों तक चलने वाला इंटरव्यू

रेखा ने क्लियर किया 5 दिनों तक चलने वाला इंटरव्यू

रेखा देवी ने इलाहाबाद में हुए पांच दिवसीय सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) इंटरव्‍यू में हिस्‍सा लिया था। शुक्रवार को आए नतीजों में वह उन सफल उम्‍मीदवारों की सूची में हैं जिन्‍होंने इंटरव्‍यू क्‍लीयर कर लिया है। ओटीए में प्री-कमीशन ट्रेनिंग के लिए उनके नाम को हरी झंडी दी गई है। संघ लोक सेवा आयोग ने जिन चयनित उम्मीदवारों की अंतिम मेरिट सूची जारी की है, उन्‍हें एक मेडिकल परीक्षा से गुजरना होगा। इसके बाद वो मई में ओटीए में रिपोर्ट कर सकेंगे।

दीपक सिंह 2012 में सेना में हुए थे भर्ती

दीपक सिंह 2012 में सेना में हुए थे भर्ती

बता दे किन नौ महीने तक होने वाली इस ट्रेनिंग के बाद रेखा सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन होंगी। लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हुए थे। इनमें रीवा जिले के फारंदा गांव के रहने वाले दीपक सिंह भी थे। दीपक सिंह साल 2012 में भारतीय सेना के बिहार रेजिमेंट में चिकित्सा कोर में भर्ती हुए थे। जनवरी, 2020 में उनकी पोस्टिंग लद्दाख में हुई थी।

8 महीने पहले हुई थी शादी

8 महीने पहले हुई थी शादी

पोस्टिंग के करीब पांच महीने बाद ही मुठभेड़ में वे शहीद हो गए। इस घटना के करीब आठ महीने पहले ही दीपक की शादी हुई थी। इसके बाद उनकी केवल एक बार ही पत्नी से मुलाकात हो पाई थी, जब वे होली की छुट्टियों में गांव आए थे। तब उन्होंने रेखा को कश्मीरी शॉल लाने का वादा किया था। लेकिन दीपक अपना ये वादा पूरा ने कर सके। शहीद दीपक सिंह के पिता गजराज सिंह किसान हैं। उनके बड़े भाई प्रकाश सिंह भी सेना में हैं।

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रिलेशन भर्ती में सेना में शामिल हुए थे दीपक

रिलेशन भर्ती में सेना में शामिल हुए थे दीपक

दीपक के बड़े भाई प्रकाश सिंह गहरवार 17 साल पहले 75 आर्मड रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। उन्होंने ही रिलेशन भर्ती निकलने पर छोटे भाई दीपक सिंह को आर्मी के मेडिकल कोर में जॉइनिंग दिलाई थी। उस दिन चिकित्सा कोर 16वीं बटालियन बिहार रेजीमेंट में तैनात लांस नायक दीपक सिंह नर्सिंग सहायक की ड्यूटी कर रहे थे। ऑपरेशन के दौरान घायलों को इलाज मुहैया करा रहे थे। इसी दौरान उनको भी गंभीर चोटें आई थीं। जिससे उनकी मौत हो गई थी।

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English summary
Galwan martyr deepak singh's wife rekha singh clears SSB, to don indian Army uniform
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