MP News: अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा: स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र पटेल ने की कड़ी कार्रवाई की अपील
MP News; मध्य प्रदेश के कई जिलों में अवैध शराब की बिक्री एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसके बारे में लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। हालांकि, यह शिकायतें आम नागरिकों की तरफ से आती रही हैं, लेकिन अब इस मुद्दे को प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र पटेल ने खुद उठाया है।
पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस समस्या की गंभीरता को उजागर करते हुए जिला प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

राज्यमंत्री की अपील और कार्रवाई के निर्देश
शनिवार को नरेंद्र पटेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट जारी करते हुए उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने इस मामले में प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील की और साथ ही जनता से अनुरोध किया कि अगर किसी के पास अवैध शराब से संबंधित कोई जानकारी हो तो वह सीधे उनके वॉट्सएप नंबर पर इसे साझा कर सकते हैं। पटेल ने लिखा कि "हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम समाज में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को रोकें और इस मामले में प्रशासन की मदद करें।"
यह कदम नरेंद्र पटेल द्वारा उठाया गया एक और प्रशासनिक पहलू है, जो उनके क्षेत्र में सुधार के लिए काम कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब पटेल ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा लिया हो। इससे पहले भी उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सक्रिय रूप से कार्रवाई की है।
रेत के ओवरलोड डंपरों के खिलाफ भी की थी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब नरेंद्र पटेल ने अपनी विधानसभा में अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाई है। नवंबर में, उन्होंने बाड़ी-बरेली टोल प्लाजा पर खुद रेत से ओवरलोड डंपरों को रोका था। उन्होंने डंपरों का वजन भी तुलवाया और तुरंत पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके अलावा, वह अवैध खनन के खिलाफ भी लगातार मुखर रहे हैं, और उन्होंने कई बार प्रशासन से इस पर कड़ी निगरानी रखने की बात की है।
स्वास्थ्य मंत्री का प्रशासनिक दृष्टिकोण
स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र पटेल का यह कदम केवल स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि वह अपनी विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक व्यवस्था के सुधार के लिए भी काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि अवैध शराब और खनन जैसी गतिविधियाँ न केवल राज्य की कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि इससे समाज के कमजोर वर्ग पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने अपने क्षेत्र के नागरिकों से भी अपील की है कि वे प्रशासन से सहयोग करें ताकि ऐसी अवैध गतिविधियों को खत्म किया जा सके और क्षेत्र में शांति एवं विकास सुनिश्चित किया जा सके।
जनता की जागरूकता और सहयोग की आवश्यकता
नरेंद्र पटेल ने इस मामले में जनता की जागरूकता को अहम माना है। उनका कहना है कि यदि समाज के लोग इन अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं और प्रशासन को सही जानकारी देते हैं तो इस समस्या से निपटना आसान हो सकता है। उन्होंने अपने वॉट्सएप नंबर को सार्वजनिक कर दिया है, जिससे लोग आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं और प्रशासन तक अवैध शराब की बिक्री की जानकारी पहुंचा सकते हैं।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र पटेल की कार्रवाई
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र पटेल ने उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। पटेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी करते हुए कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों से कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें अवैध शराब की बिक्री की समस्या उजागर की गई थी। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पटेल ने जनता से भी अपील की कि यदि किसी के पास अवैध शराब से संबंधित कोई जानकारी हो, तो वह उन्हें अपने वॉट्सएप नंबर पर भेज सकते हैं।
पटेल ने अपने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ यह कदम उठाते हुए प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है कि इस प्रकार की गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने क्षेत्रीय जनता से भी अपनी शिकायतें साझा करने की अपील की है ताकि इस मुद्दे पर तेजी से कार्रवाई की जा सके। उनका मानना है कि अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखकर समाज को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है।
कलेक्टर का बयान: अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए
इस पर रायसेन के कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि किसी भी प्रकार के अवैध मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की यही नीति है और अवैध शराब के खिलाफ कोई भी नरमी नहीं बरती जाएगी। कलेक्टर ने इस मुद्दे पर सरकार की नीति के समर्थन में अपनी बात रखी और प्रशासन से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की अपील की।
आलोट भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय का घूसखोरी के खिलाफ सख्त रुख
वहीं, रतलाम जिले के आलोट से भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घूसखोरी की शिकायतों पर भी सख्त कदम उठाया है। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुछ लोग आवास आवंटन के नाम पर घूस मांग रहे थे। विधायक ने इस मामले में नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी से भी घूस मांगी जाए तो उसे बिल्कुल न दें और सीधे उन्हें कॉल करें। विधायक ने वीडियो में अपना फोन नंबर भी साझा किया ताकि लोग सीधे उनसे संपर्क कर सकें।
मालवीय ने बताया कि उनकी आलोट विधानसभा में कुल 5513 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से कुछ लोगों ने शिकायत की है कि आवास आवंटन के नाम पर उनसे 5 हजार रुपए तक की घूस मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घूसखोरी से निपटने के लिए आवंटन के लिए पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक करने और फार्म भरने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने अपने क्षेत्र के सरपंचों और भाजपा कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे घर-घर जाकर पात्र लोगों के फार्म भरवाएं ताकि घूसखोरी की कोई गुंजाइश न रहे।












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