MP News: महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचीं पूर्व CM उमा भारती, दी उद्योग नीति पर अपनी राय
MP News: महाशिवरात्रि के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का अभिषेक कर आशीर्वाद लिया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने उद्योग विकास पर अपनी राय रखी और पंडित नेहरू की औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को इसे अपनाने की सलाह दी।
साथ ही, उन्होंने ग्लोबल समिट को सफल बनाने के लिए अधिकारियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और तेज़ी से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नेहरू और गांधी के विकास मॉडल पर दी राय
महाकाल दर्शन के बाद उमा भारती ने उद्योगों के विकास पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि देश में दो प्रमुख विकास मॉडल रहे हैं। पहला मॉडल पंडित जवाहरलाल नेहरू का था, जो औद्योगिक विकास पर केंद्रित था और दूसरा मॉडल महात्मा गांधी का था, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वावलंबन पर आधारित था।
उमा भारती ने कहा, "हमें नेहरू और गांधी के विकास मॉडल का संतुलित मेल करना होगा। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में यह संतुलन दिखता है, उसी तरह अगर मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इसे अपनाएं, तो एमओयू ज़मीन पर उतरेंगे और वास्तविक रूप से निवेश का लाभ मिलेगा।"
नेहरू की औद्योगिक अवधारणा को शामिल करने की सलाह
उमा भारती ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य सरकार नए निवेशों में पंडित नेहरू की औद्योगिक अवधारणा को भी शामिल करें। उनका कहना था कि औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना आवश्यक है, ताकि न केवल बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिले, बल्कि छोटे और मझोले उद्योगों को भी अवसर मिले।
उन्होंने कहा, "नेहरू जी का दृष्टिकोण इस बात पर केंद्रित था कि उद्योगों के विकास से ही राष्ट्र की आर्थिक शक्ति बढ़ेगी। इस विचार को अपनाने से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।"
ग्लोबल समिट की सफलता के लिए मांगी प्रभावी मॉनिटरिंग
उमा भारती ने ग्लोबल समिट के संदर्भ में भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल समिट के सफल आयोजन के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग और तेज़ी से काम करने वाले अधिकारियों की जरूरत है। उनका मानना था कि समिट के परिणाम केवल तभी सकारात्मक होंगे, जब अधिकारियों द्वारा की गई तैयारी और निवेश के समन्वय में तेजी लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव को दी सलाह
उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सलाह दी कि वे पंडित नेहरू के औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण को राज्य के विकास मॉडल में शामिल करें, ताकि प्रदेश की औद्योगिक स्थिति में सुधार हो सके। उनका मानना था कि जब तक पुराने और नए दृष्टिकोणों का संतुलन नहीं बनेगा, तब तक प्रदेश के समग्र विकास को सही दिशा में गति नहीं मिल पाएगी।
महाकाल दर्शन के बाद उमा भारती का यह बयान प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण दिशा में सोचने की प्रेरणा देता है। उनका सुझाव मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए एक मजबूत मार्गदर्शन साबित हो सकता है, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास और समृद्धि के नए रास्ते खुल सकते हैं।












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