MP में फिर 'माई का लाल' की एंट्री, आरक्षण मुद्दे पर उमा भारती ने कही ये बड़ी बात
BJP Uma bharti: जब जैसे मौका आया आरक्षण मुद्दे पर बड़ी बहस होती रही हैं। सियासत में हथियार के तौर पर आजमाया जाता रहा। एमपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। चुनाव कार्यक्रमों की भी इस हफ्ते आखिरी या उसके एक-दो दिन में घोषणा की संभावना हैं।
उसके ठीक पहले फायर ब्रांड नेत्री और पूर्व सीएम उमा भारती ने आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया हैं। भोपाल में आयोजित गौ-रक्षा सम्मेलन उमा ने कहा कि 'कोई माई का लाल' आरक्षण खत्म नहीं कर सकता। यह गौर करने वाली बात है कि बीते चुनाव के वक्त भी आरक्षण का मुद्दा हावी रहा था।
उमा भारती ने यहां भी अपने पुराने बयान को एक बार फिर दोहराया कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिए बिना यह लागू नहीं हो पाएगा।उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम में ओबीसी वर्ग की महिलाओं को आरक्षण ना मिलने का जिक्र भी किया। सियासतदान जिसके अलग-अलग मायने निकालने में जुटे हैं।

सम्मलेन में उमा भारती ने कहा कि - 'या तो देश की व्यवस्था ही ऐसी हो जाए कि आरक्षण की स्थिति ना रहे। वो स्थिति तब आएगी जब एसटी, एससी खुद कहे कि हमें आरक्षण नहीं चाहिए। उससे पहले आरक्षण खत्म नहीं किया जा सकता। ये तब तक चलेगा, जब तक समाज में एक भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित रहेगा। क्योंकि आरक्षण का मतलब है विषमतायुक्त समाज में समान अवसर का सिद्धांत लागू नहीं होता, विषमतायुक्त समाज में विशेष अवसर का सिद्धांत लागू होता है। ये आरक्षण का मतलब है।
उमा बोली कि एससी एसटी को संवैधानिक व्यवस्था के तहत आरक्षण मिल जाएगा। सवर्ण लोगों को गरीबी के आधार पर नौकरियों में 10% आरक्षण मिल जाएगा, लेकिन ओबीसी महिलाओं को साथ लेकर उनका झुंड साथ लेकर मैं पार्लियामेंट के अंदर प्रवेश करना चाहती हूं। ये मेरी इच्छा है। सामाजिक समरता का मतलब आप 60% लोगों की ताकत को इग्नोर नहीं कर सकते।












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