Assembly Elections 2023: बुंदेलखंड, विंध्य और महाकौशल विकास प्राधिकरण में जल्द होंगी नियुक्तियां
शिवराज मंत्रिमंडल से बाहर या उपेक्षित पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित आला भाजपा संगठन के नेताओं को चुनावी सौगात के रूप में विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाकर कैबिनेट और राज्यमंत्री का दर्जा दिया जा सकता है।

मध्य प्रदेश में आगामी अक्टूबर-नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव होना हैं। इसके पहले शिवराज सरकार मंत्रिमंडल से उपेक्षित पूर्व मंत्रियों, विधायकों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को उपकृत्य कर सकती है। दरअसल प्रदेश में बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण, महाकौशल विकास प्राधिकरण, विंध्य विकास प्राधिकरण, जबलपुर विकास प्राधिकरण सहित अन्य विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व सदस्य बनाकर उपकृत्य किया जा सकता है।
प्रदेश के सागर संभाग व बुंदेलखंड में छह जिलों को शामिल करते हुए बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण का गठन किया था। लंबे समय से विकास प्राधिकरण अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली हैं तो सीईओ व अन्य अधिकारी-कर्मचारी का स्टाफ तक नहीं है। प्राधिकरण का खुद का कार्यालय नहीं था, इस कारण इसे बीते सालों में पुराने कलेक्टोरेट परिसर स्थित योजना एवं सांख्यिकी विभाग के कार्यालय में अटैच कर दिया गया था। तब से प्राधिकरण के नाम पर सिर्फ एक छोटा सा बोर्ड का आसत्तिव बना है। इसी प्रकार के हाल विंध्य विकास प्राधिकरण और जबलपुर विकास प्राधिकरण व महाकौशल विकास प्राधिकरण में भी है। वर्तमान में इनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली पड़े हैं।
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शिवराज सरकार व भाजपा संगठन के अंदरखानों से मिली खबरों के अनुसार मई और जून महीने में विकास प्राधिकरणों को एक बार फिर से आॅक्सीजन मिल सकती है और विधायकों व पूर्व विधायकों को इनमें नियुक्त किया जा सकता है।












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